नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मध्य प्रदेश के इंदौर की सोनम रघुवंशी द्वारा अपने पति राजा रघुवंशी की शिलॉन्ग में हनीमून के दौरान कथित साजिशन हत्या की वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह सनसनीखेज मामला न केवल एक हत्या तक सीमित है, बल्कि इसने विवाह, भरोसे और रिश्तों की नींव को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद समाज में विवाह और रिश्तों की गंभीरता को लेकर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है, यह सोचने का समय है।
बतायी ये वजह
आलोक कुमार ने कहा कि पहले के समय में लोग परिवार के बुजुर्गों के साथ बैठकर आपसी समस्याओं को सुलझा लिया करते थे, लेकिन अब युवा पीढ़ी समाज की सहायता लेने से कतराने लगी है। उनका कहना था कि ऐसे हालात में समाज को सही दिशा देने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। वहां उन्होंने इंदौर की सोनम रघुवंशी वाले मामले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि हिंदू समाज में वैवाहिक संबंधों में दरार आ रही है। यह हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है। पारिवारिक संरचना में असंतुलन देखा जा रहा है। पहले जब किसी परिवार में तनाव होता था, तो घर के वरिष्ठ और जिम्मेदार सदस्य समझदारी से बात को सुलझा लेते थे।
समाज में बढ़ती विकृतियों को लेकर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि अब युवा किसी समस्या के समय समाज या परिवार से मार्गदर्शन लेने के बजाय सीधे पुलिस या अदालत का रुख करते हैं। यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है, जो परिवार व्यवस्था को कमजोर करने की एक गहरी साजिश का हिस्सा लगती है। उनका मानना है कि यदि परिवारों में सही संस्कार और धार्मिक मूल्यों की शिक्षा दी जाए, तो ऐसी विकृतियों को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में सुधार लाने की जिम्मेदारी अब उन्होंने भी उठाई है। इसके लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे और इस विषय पर गंभीर चिंतन भी किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर वीएचपी नेता का विपक्ष पर हमला
वीएचपी नेता आलोक कुमार ने “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर केंद्र सरकार पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सरकार को बदनाम करने की कोशिश किसी सामान्य वर्ग की नहीं, बल्कि एक राजनीतिक दल की रणनीति है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि देश के एक प्रमुख राजनीतिक दल के नेता अपने ही दल के सदस्यों का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यही राजनीतिक दल राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दल के एक नेता ने यहां तक कह दिया कि भारत ने आत्मसमर्पण कर दिया है। वह पाकिस्तान के पक्ष में बातें कर रहा है, और भारत के खिलाफ झूठ फैलाकर पाकिस्तान की मदद कर रहा है, इसी वजह से वह पाकिस्तान की मीडिया में सुर्खियों में है।
आलोक कुमार ने आगे कहा कि जो लोग सत्ता पक्ष के कट्टर आलोचक थे, वे भी भारत माता के सम्मान के लिए विदेश गए और वहां भारत की बात मजबूती से रखी। लेकिन विडंबना यह है कि विपक्ष का एक बड़ा दल उनके इस प्रयास का भी विरोध कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी दल के एक सांसद ने कहा कि “देशभक्ति की बात करना आजकल क्यों इतना मुश्किल हो गया है” यह सोचने का विषय है।





