नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । आयुष चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन ने 23 दिन की प्रतीक्षा के बाद आखिरकार अपनी नौकरी ज्वाइन कर दी है। मंगलवार को उन्होंने गर्दनीबाग स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में अपना कार्य शुरू कर दिया है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार के अनुसार, डॉ. नुसरत की तैनाती सदर पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में की गई है। उन्होंने तैनाती के लिए आवेदन किया था, जिसे विभाग ने मंजूर कर लिया।
हिजाब विवाद को लेकर आयी चर्चा में
डॉ. नुसरत परवीन को संविदा आधार पर यह नौकरी मिली है और शुरुआत में उनकी ज्वाइनिंग 31 दिसंबर तक निर्धारित थी। वे तब सुर्खियों में आई थीं, जब 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान उनका हिजाब हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। बता दें कि अभी डॉ. नुसरत परवीन पटना के राजकीय तिब्बी कॉलेज से एमडी पीजी की पढ़ाई कर रही हैं।
अंतिम तिथि पर ज्वाइन की ड्यूटी
राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य महफूज-उर-रहमान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि डॉ. नुसरत परवीन ने अपनी ड्यूटी अंतिम निर्धारित तिथि पर ज्वाइन कर दी है। प्राचार्य ने कहा, ड्यूटी में शामिल होने की आखिरी तिथि थी और नुसरत ने पटना सिविल सर्जन कार्यालय में रिपोर्ट किया। अब सिविल सर्जन कार्यालय उन्हें उपयुक्त स्थान पर तैनात करेगा।
कॉलेज प्रशासन ने खारिज किए अफवाहें
प्राचार्य ने बताया कि डॉ. नुसरत परवीन की सेवा में शामिल होने की अंतिम तिथि पहले 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई थी और बाद में इसे सात जनवरी तक बढ़ा दिया गया। नुसरत इस कॉलेज की पूर्व छात्रा भी रह चुकी हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि नुसरत ने शुरू में नाराजगी के चलते ड्यूटी जॉइन करने से इनकार किया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने इसे पूरी तरह खारिज किया। प्राचार्य ने बताया कि पिछले महीने, जब वह तय समय पर ड्यूटी के लिए रिपोर्ट नहीं कर पाई थीं, तब उनके परिवार ने बताया था कि नुसरत मीडिया कवरेज से बचना चाहती हैं और सोच रही थीं कि सेवा में शामिल होना है या नहीं।





