नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पूर्वोत्तर भारत के राज्य मेघालय में अब शादी से पहले HIV टेस्ट अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री एंपरीन लिंगदोह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में HIV/AIDS के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार एक नया कानून लाने पर विचार कर रही है, ताकि विवाह से पहले HIV जांच को जरूरी बनाया जा सके। लिंगदोह ने कहा, “अगर गोवा यह कदम उठा सकता है, तो मेघालय क्यों नहीं? यह पूरे समाज के हित में है।” उन्होंने यह भी बताया कि मेघालय देशभर में HIV के मामलों में छठे स्थान पर है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखा गया है।
HIV/AIDS पर नीति बनाने को लेकर हुई चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री लिंगदोह ने बताया कि उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया। इस बैठक में समाज कल्याण मंत्री पॉल लिंगदोह और ईस्ट खासी हिल्स जिले के आठ विधायक भी मौजूद रहे। बैठक में HIV/AIDS पर नीति तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग को इस विषय में कैबिनेट नोट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने बताया कि इसी तरह की बैठकें गारो हिल्स और जैंतिया हिल्स में भी आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में चर्चा कर क्षेत्रवार रणनीति बनाई जायेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने HIV मामलों को लेकर जताई चिंता
स्वास्थ्य मंत्री ने चिंता जताते हुए बताया कि सिर्फ ईस्ट खासी हिल्स जिले में अब तक HIV/AIDS के 3,432 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इनमें से केवल 1,581 मरीज ही उपचार ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में संक्रमण फैलने का मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध हैं। मंत्री एंपरीन लिंगदोह ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच के बाद संक्रमित पाए गए हर व्यक्ति को इलाज मिले। HIV/AIDS घातक नहीं है, अगर समय पर और सही इलाज हो।” गौरतलब है कि गोवा में भी इसी तरह के मामलों को देखते हुए विवाह से पहले HIV टेस्ट को अनिवार्य किया गया है।





