नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में पुलिसकर्मियों पर हो रहे हमलों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में अररिया और मुंगेर में दो एएसआई की हत्या के मामले सामने आए हैं। पहले अररिया में एएसआई राजीव रंजन को भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया और अब मुंगेर में एएसआई संतोष कुमार की हत्या कर दी गई।
अररिया में भीड़ ने एएसआई को मार डाला
13 मार्च 2025 को अररिया जिले में एएसआई राजीव रंजन की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। राजीव रंजन अपराधी अनमोल यादव को पकड़ने गए थे। इस दौरान भीड़ ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वे अचेत होकर गिर गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि यह हत्या थी या हादसा। मुंगेर में होली के दिन एएसआई की हत्या होली के दिन मुंगेर जिले में एएसआई संतोष कुमार की हत्या कर दी गई। दो पक्षों के बीच हुए झगड़े को सुलझाने गए थे एएसआई। झगड़े के दौरान एक पक्ष ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल एएसआई को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर पारस हॉस्पिटल, पटना रेफर किया गया। इलाज के दौरान संतोष कुमार की मौत हो गई।
बिहार में क्यों बढ़ रहे पुलिसकर्मियों पर हमले?
बिहार में पुलिसकर्मियों पर हो रहे लगातार हमलों के कारण कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आम जनता ही पुलिसकर्मियों पर हमला क्यों कर रही है? राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को अब इस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। अगर पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो जनता की सुरक्षा कैसे होगी? सरकार और पुलिस प्रशासन को क्या कदम उठाने चाहिए? भीड़ द्वारा पुलिस पर हमले की घटनाओं में जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई हो। अपराधियों पर कानूनी शिकंजा और कड़ा किया जाए। इन घटनाओं ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं।





