नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार के पूर्व सत्येंद्र कुमार जैन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में साल 2022 में गिरफ्तार हुए सत्येंद्र जैन को पिछले साल जमानत मिली थी। लेकिन एक बार फिर उनकी मुश्किले बढ़ती दिखाई दे रही है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ अदालत में कानूनी मुकदमा चलाने राष्ट्रपति से मंजूरी मांगी है।
सत्येंद्र जैन के खिलाफ सबूत पाए गए
मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रालय ने ED से मिली जानकारी के आधार पर, सत्येंद्र जैन के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी है। जिससे अब उन पर फिर एक बार मुकदमा चलाया जा सकता है। और यही नहीं इस आधार पर इनसे जुड़े सबूतो से अब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मुश्किलो में घिर सकते है।
ED ने दाखिल किया था आरोप पत्र
मालूम हो कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच और जमा किए गए सबूतों के आधार पर मंजूरी मांगी है। वहीं जांच एजेंसी ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ सरकार में रहते हुए सौदों से जुड़े धन शोधन मामले में मामला दर्ज किया था और मई 2022 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अब वो जमानत पर बाहर हैं और वहीं एक बार फिर ईडी ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
अगस्त 2017 में दर्ज की गई थी FIR
बता दे कि, सौदों से जुड़े धन शोधन मामले में साल 2017 में सत्येंद्र जैन और अन्य के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में FIR दर्ज की थी। वहीं CBI ने दिसंबर साल 2018 में एक आरोप पत्र दायर किया, जिसमें बताया गया कि, आय से अधिक संपत्ति करीब 1.47 करोड़ रुपये पाई गई थी, जो साल 2015 के दौरान सत्येंन्द्र जैन के आय से पाई जानेवाली स्रोतों से लगभग 218 प्रतिशत तक पाई गई थी। एक बार फिर राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिल जाने पर सत्येंन्द्र जैन बुरी तरह फंस सकते हैं।





