नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। संसद के मॉनसून सत्र से पहले आम आदमी पार्टी ने विपक्षी INDIA गठबंधन से पूरी तरह किनारा कर लिया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने साफ कर दिया कि अब AAP इस गठबंधन की किसी बैठक में शामिल नहीं होगी।
संसद का मॉनसून सत्र और विपक्ष की तैयारियां
संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। पहले यह सत्र 12 अगस्त तक ही तय था, लेकिन सरकार ने इसे एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। इस दौरान मोदी सरकार को घेरने के लिए INDIA गठबंधन ने रणनीति बनाने को बैठकें बुलाई हैं, लेकिन AAP ने इनमें आने से इनकार कर दिया। AAP के पास राज्यसभा में 8 और लोकसभा में 3 सांसद हैं। संजय सिंह जैसे नेता संसद में मुखर होकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। अब गठबंधन से अलग होने के बाद विपक्ष की साझा आवाज़ थोड़ी कमजोर पड़ सकती है।
AAP बोली- अपने मुद्दों पर करेंगे फोकस
AAP ने कहा है कि वह विपक्षी दलों से तालमेल बनाए रखेगी, लेकिन किसी साझा मंच का हिस्सा नहीं बनेगी। संजय सिंह ने बताया कि दिल्ली में पूर्वांचल के लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाने और यूपी में स्कूलों के बंद होने जैसे मुद्दों को पार्टी संसद में जोर-शोर से उठाएगी।
कांग्रेस से बढ़ती दूरी बनी वजह
AAP और कांग्रेस के बीच कई राज्यों में सीधी राजनीतिक टक्कर है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में दोनों पार्टियां एक-दूसरे की प्रमुख विरोधी हैं। AAP का कहना है कि गठबंधन में केवल कांग्रेस के हित साधे जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन पहले ही कई मुद्दों पर बिखरा नजर आ रहा था। महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और कांग्रेस के रिश्तों में भी तल्खी दिखी है। अब AAP के बाहर होने से गठबंधन की एकजुटता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। AAP का INDIA गठबंधन से पूरी तरह नाता तोड़ लेना विपक्ष की रणनीति और ताकत दोनों को प्रभावित कर सकता है। जहां एक तरफ विपक्ष मोदी सरकार को संसद में घेरने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ दलों के बीच बढ़ती दूरियां विपक्षी एकता पर सवाल खड़े कर रही हैं।





