आए दिन पैसों के ताने देता था रिश्तेदार, डॉक्टर ने अपनी सैलरी बताकर बोलती बंद कर दी

बेंगलुरु के एक जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट की सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट वायरल हुई है। अपने एक रिश्तेदार को करारा जवाब दिया है।

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A relative used to taunt him about money every day the doctor shut him telling his salary
A relative used to taunt him about money every day the doctor shut him telling his salary

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्क। एक डॉक्टर अपनी ज़िंदगी के करीब 10 साल डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने में झोंक देता है। इस दौरान उसे अपने परिवार से आर्थिक मदद लेनी पड़ती है। लेकिन एक बार डॉक्टर बन गए तो पैसों की कोई दिक्कत नहीं होती। हालांकि, कई बार डॉक्टर या मेडिकल स्टूडेंट्स को रिश्तेदारों और दोस्तों से ताने मिलते हैं कि अब तक पढ़ ही रहे हो, तुम्हारी उम्र के लोग तो पढ़ाई पूरी करके कमाने भी लग गए। बेंगलुरु के एक डॉक्टर के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा था, फिर एक दिन उन्होंने अपनी कमाई ताना देने वाले रिश्तेदार को बताई और उनकी बोलती बंद कर दी।

कार्डियोलॉजिस्ट ने X पर सुनाया किस्सा

X पर एक यूज़र ने सवाल किया था, ‘सैलरी पूछने वाले अंकल और आंटी को आप लोग अवॉइड कैसे करते हैं?’ इसके जवाब में बेंगलुरु के कावेरी अस्पताल के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉक्टर दीपक कृष्णमूर्ति ने लिखा, ‘मेरे एक रिश्तेदार हमेशा इस बात को लेकर मुझे बुरा महसूस कराते ते कि मैंने मेडिकल फील्ड चुनी। वो ताना देते थे कि मैं अपने पिता पर निर्भर हूं जबकि मेरी उम्र के लड़के कमाने लगे हैं। उन्होंने एक बार मेरी सैलरी पूछ ली, तब तक मैं सेटल हो चुका था। मैं सालभर में जितना टैक्स भर रहा था वो उनके दोनों बेटों की एक साल की सैलरी से भी ज्यादा था।’

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डॉक्टर बनने के लिए लगती है कड़ी मेहनत

भारत में डॉक्टर बनने की प्रक्रिया बहुत लंबी और मेहनत वाली है। देश के मेडिकल कॉलेजों में सीटें लमिटेड हैं। ऐसे में एडमिशन के लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। MBBS की पढ़ाई में साढ़े पांच साल का वक्त लगता है। इसमें एक साल का मेंडेटरी इंटर्नशिप भी शामिल है। MBBS की डिग्री के बाद डॉक्टरों को स्पेशियलाइज़ेशन की जरूरत होती है। इसके लिए वो कम से कम एक साल मास्टर्स की तैयारी में लगाते हैं। उसके बाद पीजी कोर्स पूरा होने में लगभग 3 साल का समय लगता है। इस तरह कम से कम 9 साल मेडिकल की पढ़ाई में ही निकल जाते हैं। जबकि दूसरे फील्ड्स की बात करें तो पांच से छह साल में मास्टर्स की डिग्री पूरी हो जाती है।

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