नई दिल्ली/रफ्तार न्यूजः कर्नाटक के बेलगावी जिले से एक दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है। यहां के लोगों ने एक काले कुत्ते को फूल-मालाओं से सजाकर पूरे इलाके में घुमाया और उसके सम्मान में एक दावत भी रखी। यह सब इसलिए हुआ क्योकि वह कुत्ता, जिसका नाम महाराज है, खो गया था और फिर 250 किलोमिटर दूर से खुद ही वापस अपने घर लौट आया।
महाराज नाम का यह कुत्ता जून के आखिरी हफ्ते में महाराष्ट्र के पंडरपुर से भीड़ में खो गया था। लेकिन, उसने अकेले ही 250 किलोमिटर की दूरी तय करके वेलगांवी के अपने गांव वापस आने का रास्ता ढूंढ लिया। महाराज को भजन सुनना भी पसंद है।
कैसे रास्ता भटक गया महाराज
महाराज के मालिक, कमलेश कुंभर, ने बताया कि जब वह महाराज के साथ पंढरपुर में वार्षिक वारी यात्रा पर गए थे, तब महाराज भी उनके साथ चल रहा था। लेकिन, विठोबा मंदिर के दर्शन के बाद महाराज कहीं खो गया। लोगों ने बताया कि वह किसी और समूह के साथ चला गया होगा। कुंभर ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिला।
250 किलोमिटर का सफर तय कर आया कुत्ता
14 जुलाई को कुंभर अपने घर लौट आए, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने देखा कि महाराज कुत्ता घर के सामने खड़ा है और पूंछ हिला रहा है। वह पूरी तरह से स्वस्थ और खुश नजर आ रहा था। कुंभर ने कहा कि भगवान पांडुरंग ने महाराज को रास्ता दिखाया।
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