नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बेंगलुरु में सड़क विवाद के मामले की कहानी एक सीसीटीवी फुटेज ने बदल दी है। इस मामले में भारतीय वायुसेना (IAF) के अधिकारी विंग कमांडर शिलादित्य बोस पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने बोस पर हत्या की कोशिश समेत अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बोस ने दावा किया था कि एक बाइक सवार ने उन पर कन्नड़ भाषा नहीं बोलने के कारण हमला किया। लेकिन अब कहानी कुछ और सामने आई है। नए वीडियो फुटेज और चश्मदीदों की गवाही के आधार पर बोस पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज कर लिया गया है।
जानिए पूरा मामला
यह घटना उस समय की है जब शिलादित्य बोस की कार एक युवक विकास की बाइक के साइलेंसर से टकरा गई थी। तब विकास की मां ज्योति के अनुसार विवाद तब शुरू हुआ जब बोस की पत्नी ने हिंदी में कुछ कहा और विकास ने उससे नहीं बल्कि सीधे बोस से पूछ लिया कि उनकी पत्नी क्या कह रही थीं।
इसके बाद विवाद बढ़ते देर नहीं लगी। आरोप है कि बोस ने विकास को धक्का देने के बाद जमीन पर पटक दिया था और फिर उस पर हमला भी किया। वहीं सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि वायुसेना अधिकारी उस लड़के को सड़क पर गिराकर लातों से मार रहा है। बाद में उसी अधिकारी ने कन्नड़ भाषा को लेकर हमला होने का झूठा दावा करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया। लेकिन, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की गवाही ने उनकी कहानी को गलत साबित कर दिया। बेंगलुरु पुलिस ने विकास की शिकायत के आधार पर शिलादित्य बोस के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
चश्मदीदों ने बयां की आंखो देखी
घटना पर मौजूद चश्मदीदों ने गवाही देते हुए बताया कि झगड़े के दौरान IAF अधिकारी ने अपना आपा खो दिया था। वह विकास को बुरी तरह पीट रहा था। विकास की मां ज्योति का इस मामले में कहना है कि जो व्यक्ति देश की रक्षा करता है, वह इस तरह से एक आम नागरिक के साथ बर्ताव करेगा, यह शर्मनाक है। मेरे बेटे के हाथ को काटा गया, चेहरे पर खरोंचें डाली गईं, फोन तोड़ दिया गया और बार-बार लात मारी गई। अब सीसीटीवी फुटेज है जो सच्चाई को साफ दिखाता है। यह मामला अब सिर्फ एक रोड़रेज नहीं रहा, बल्कि एक उच्च पदस्थ अधिकारी की जिम्मेदारी, सत्यता और सामाजिक शांति को लेकर बड़ा सवाल बन चुका है।





