नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक खौफनाक खबर सामने आई है। दरअसल गाजियाबाद जिले में गलत तरीके से एक बूचड़खाने में 57 बच्चों को रखा गया था। जब मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस ने एक्शन लेते हुए बच्चों को सकुशल बचाया। बता दें कि बूचड़खाने में बच्चों से काम करवाया जा रहा था। पुलिस को शिकायत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तरफ से दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने रेस्कयू अभियान चलाना। मामला गाजियाबाद के मसूरी इलाके का है, जहां डासना स्थित इंटरनेशनल एग्रो फूड्स बूचड़खाना में पुलिस द्वारा छापेमारी करने के बाद 57 बच्चों को सकुशल निकाला गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
इस बूचड़खाने में बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्य के कई दर्जन बच्चों को गलत तरीके से काम करवाने के लिए बूचड़खाने में रखा गया था। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शिकायत मिलने के बाद पुलिस द्वारा की गई। बच्चों से यहां मांस को पैक कराने का काम करवाया जाता था।
बिहार और बंगाल जैसे राज्यों के हैं बच्चे
पुलिस से मिली सूचना के अनुसार, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम, अपर पुलिस आयुक्त अपराध, श्रम विभाग और उत्तर प्रदेश जिला अधिकारी के अलावा सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी ने मिलकर इस करवाई को पूरा किया। यहां पर बच्चों के हाथों मांस को पैक करवाया जाता था जिसे बाद में निर्यात किया जाता था। सबसे ज्यादा गंभीर बात है कि 57 बच्चों को अवैध रूप से अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था। इन 57 बच्चों में 31 लड़कियां और 26 लड़के शामिल हैं। ये बच्चे मूल रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल राज्यों के रहने वाले हैं। सभी बच्चों का मेडिकल करवाया जा रहा है और इन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। मामले में बूचड़खाने के मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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