नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गुजरात के वडोदरा-आणंद को जोड़ने वाला महिसागर नदी पर बना 43 साल पुराना गंभीरा ब्रिज बुधवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गया। इस भीषण हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं और 5 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे की है, जब पुल पर भारी ट्रैफिक था। पुल का एक हिस्सा अचानक टूट गया, जिससे दो ट्रक, एक पिकअप वैन और अन्य वाहन सीधे नदी में गिर गए। हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रक आधे टूटे पुल पर लटका हुआ दिखाई दे रहा है। फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय लोग घटनास्थल पर मौजूद हैं। अब तक 5 लोगों को बचाया जा चुका है, कुछ लोग अभी भी लापता हो सकते हैं। हादसे के बाद इलाके में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे लोगों को दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
गुजरात सरकार ने हादसे को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल पर भेजा है और जांच के आदेश दिए हैं। सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने बताया: “गंभीरा ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी, जिससे यह हादसा हुआ। विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं। यह पुल 1985 में बना था और लगातार बारिश के चलते इसकी हालत और खराब हो गई थी। स्थानीय लोग पहले से इस पुल की जर्जर हालत को लेकर शिकायत कर चुके थे। यह ब्रिज “सुसाइड प्वाइंट” के रूप में भी बदनाम रहा है, जिससे इसकी सुरक्षा पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
हादसे के बाद का असर
वडोदरा और आणंद के बीच यातायात ठप हो गया है। यातायात विभाग ने वैकल्पिक रूट सुझाए हैं ताकि आने-जाने में दिक्कत न हो। लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों नजर आ रहे हैं, खासकर स्थानीय नागरिकों में। गुजरात के इस पुल हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया है कि पुराने और जर्जर ब्रिजों की समय पर जांच और मरम्मत कितनी जरूरी है।




