नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में हाल ही में आयोजित मंदिर ट्रस्ट की बैठक में पूरा लेखा-जोखा साझा किया गया है। 5 फरवरी 2020 को गठन से लेकर इस वर्ष 28 फरवरी तक पांच साल से अधिक की अवधि में जीएसटी समेत अन्य मदों में 396 करोड़ रुपए का टैक्स सरकार को दिया गया है।
महामंत्री चंपत राय ने दी जानकारी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मणिराम दास छावनी में आयोजित बैठक के बाद ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 5 फरवरी 2020 को ट्रस्ट का गठन हुआ था। 28 फरवरी 2025 तक 5 सालों में ट्रस्ट के अकाउंट से सरकार की विभिन्न एजेंसियों को 396 करोड़ का भुगतान किया गया है। जीएसटी 272 करोड़, टीडीएस 39 करोड़, लेबर सेस 14 करोड़, ईएसआई 7.4 करोड़, बीमा में 4 करोड़, जन्मभूमि के नक्शे के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण को 5 करोड़, अयोध्या में जमीनें खरीदने पर स्टांप शुल्क 29 करोड़, 10 करोड़ बिजली बिल, 14.9 करोड़ रॉयल्टी के रूप में सरकार को दिया गया है, इसमें पत्थरों की रॉयल्टी राजस्थान सरकार, कर्नाटक सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और यूपी सरकार को दी गई है। इन पांच सालों में कुल 2150 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
राम मंदिर का 96 प्रतिशत काम पूरा
राम मंदिर का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकि मंदिर के परकोटा का 70 प्रतिशत, राम मंदिर के ही पूरक मंदिरों के रूप में निर्मित हो रहे सप्त मंदिरों का निर्माण 96 प्रतिशत हो चुका है। शेषावतार मंदिर का 40 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। ट्रस्ट के महासचिव ने बताया कि 25 जून तक राम मंदिर का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा।
रामनवमी पर होगा सूर्य तिलक
राम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे 4 मिनट तक रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक होगा। इस दिन श्रद्धालु 50 से अधिक स्थानों पर लगी स्क्रीन के माध्यम से इस अद्भुत नजारे के दर्शन कर सकेंगे। इस दिन भव्य आयोजन और धार्मिक अनुष्ठानों में वाल्मीकि रामायण, राम चरित मानस का नवान् पारायण पाठ होगा और एक लाख दुर्गा पूजन मंत्र आहूति दी जाएगी।
944 चांदी के गहने व मुकुट भेंट में मिले
पिछले पांच सालों में करीब 944 किलो चांदी समाज की ओर से भेंट में मिली है। जिसमें भगवान के गहने, मुकुट, जेवर आदि शामिल हैं। सरकार की एजेंसी टकसाल ने बताया है कि दान में मिला चांदी 92 प्रतिशत शुद्ध है जिसको 20 किलों की ईंटें के रूप में परिवर्तित किया गया है। चांदी की शुद्धता की जांच सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मीटिंग कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड द्वारा की गई है।
नहीं होगा कोई मुख्य पुजारी
राममंदिर का अब कोई मुख्य पुजारी नहीं होगा। चूंकि यह पद आचार्य सत्येंद्रदास के गत 12 फरवरी को साकेतवास के साथ समाप्त हो गया। अब कोई भी पुजारी उनकी आयु, विद्वता, सम्मान व रामलला के प्रति उनके समर्पण के बराबर नहीं है।





