नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित वांडोली गांव में गडचिरोली पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए। पुलिस ने घटनास्थल से कई हथियार भी जब्त किए हैं। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गडचिरोली पुलिस का आभार जताया है। उन्होंने पुलिस के द्वारा की गई इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक गडचिरोली जोन, पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) और अन्य अधिकारियों की तारीफ की है। इसके अलावा मिशन में शामिल सभी पुलिस जवानों की सराहना की है।
हमारी नीति विकास को प्राथमिकता देना है- CM शिंदे
इस संबंध में मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि गड़चिरोली में पुलिस की ये कार्रवाई जिले में नक्सली गतिविधियों पर एक निर्णायक झटका होगी। हमारी नीति विकास को प्राथमिकता देना और हिंसा का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि हम गडचिरोली जिले को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जवानों को दिया जाएगा 51 लाख रुपये का इनाम
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिस बल के इस कार्रवाई से क्षेत्र में ना सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में मदद भी मिलेगी। पुलिस जवानों को 51 लाख रुपये का विशेष इनाम दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस ऑपरेशन में शामिल जवानों को 51 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।
वंडोली गांव के पास नक्सलियों के होने की मिली थी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि वंडोली गांव के पास 12-15 नक्सली डेरा जमाए बैठे हैं। जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को सुबह 10 बजे के लगभग गडचिरौली से एक ऑपरेशन लॉन्च किया। जिसे डिप्टी SP नेतृत्व कर रहे थे। इस ऑपरेशन में 7सी 60 पार्टियों को छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित वंडोली गांव में भेजा गया।
12 माओवादी मारे गए
जैसे ही पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। ये गोलीबारी रुक-रुककर देर शाम तक चलती रही। एसपी नीलोत्पल के मुताबिक अभी तक 12 माओवादियों के शव बरामद हो गए हैं। मारे गए माओवादियों में टिपागड दलम के प्रभारी डीवीसीएम लक्ष्मण अत्राम उर्फ विशाल अत्राम की पहचान की गई है।
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