नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने लियोनेल मेसी के कोलकाता कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर बताया कि कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी की जांच जारी है और इसी कारण वे अपने पद से हटना चाहते हैं। इस्तीफे की खबर के कुछ ही समय बाद तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की और कहा कि अरूप बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
मेसी के कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में भारी अफरा-तफरी और हंगामा देखने को मिला। नाराज फैंस ने स्टैंड से बोतलें और कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई फैंस ने आरोप लगाया कि उन्होंने ₹10,000 से ₹15,000 तक देकर टिकट खरीदी थी, लेकिन आयोजकों और उनके परिचितों के कारण वे मेसी को देख नहीं पाए। इस मामले में मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को पहले ही गिरफ्तार किया गया है और उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है। उन पर इवेंट में मिसमैनेजमेंट का आरोप है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने इवेंट में हुई अव्यवस्था और तोड़फोड़ की जांच के लिए उच्च अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें DGP राजीव कुमार, बिधाननगर CP मुकेश कुमार और युवा मामले एवं खेल विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार सिन्हा शामिल हैं। इसके साथ ही DCP अनीश सरकार (IPS) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने इवेंट में हुई अव्यवस्था और तोड़फोड़ की जांच के लिए उच्च अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, विधाननगर सीपी मुकेश कुमार, और युवा मामले एवं खेल विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार सिन्हा शामिल हैं। साथ ही डीसीपी अनीश सरकार (IPS) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है और भविष्य में बड़े आयोजनों में सुरक्षा, व्यवस्थापन और जिम्मेदारी तय करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
फैंस ने आयोजकों पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि टिकट महंगी होने के बावजूद उन्हें मेसी तक पहुंचने का मौका नहीं मिला। आयोजकों के अपने लोग ही मेसी के आसपास मौजूद थे, जिससे सामान्य दर्शक कार्यक्रम का आनंद नहीं ले पाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है। भविष्य में बड़े आयोजनों में सुरक्षा, व्यवस्थापन और जिम्मेदारी तय करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि आयोजक और राज्य प्रशासन को पहले से विस्तृत योजना बनानी चाहिए ताकि फैंस और प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अरूप बिस्वास का इस्तीफा और इस कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था ने राज्य में सरकारी और प्रशासनिक जिम्मेदारी के महत्व को उजागर किया है।





