Loksabha Election Phase 3: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कांग्रेस, BJP-TMC के कार्यकर्ताओं में झड़प

मुर्शिदाबाद सीट पर TMC ने पहली बार साल 2019 चुनाव में जीत दर्ज की थी। इस बार फिर से पार्टी ने मौजूदा सांसद को मैदान में उतारा है। साल 1980 आम चुनाव के बाद लगातार 24 साल तक इस सीट पर CPI का दबदबा रहा।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट पश्चिम बंगाल में हैं। इस सीट पर वामपंथी दलों का दबदबा रहा है। 8 बार सीपीआई ने जीत दर्ज की है। हालांकि पिछले चुनाव में TMC ने सीपीआई के दबदबे को तोड़ दिया था। कांग्रेस को इस सीट पर 4 बार जीत मिली है। चलिए आपको इस सीट का समीकरण और इतिहास बताते हैं।

किस पार्टी ने किसको बनाया उम्मीदवार

लोकसभा चुनाव 2024 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मौजूदा सांसद अबू ताहिर खान को उम्मीदवार बनाया है। जबकि सीपीएम ने 66 साल के मोहम्मद सलीम को मैदान में उतारा है। इस सीट पर बीजेपी ने गौरी शंकर घोष को कैंडिडेट बनाया है।

मुर्शिदाबाद में मतजान के दौरान झड़प

मुर्शिदंबाद-जंगीपुर में कांग्रेस, भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच झपड़। मतदान के शुरू होने के कुछ देर बाद ही देखने को मिली झड़प। टीएमसी का आरोप वोटरों को इंफ्लूएंस करने की कोशिश

2019 आम चुनाव के नतीजे

साल 2019 आम चुनाव में टीएमसी के उम्मीदवार अबू ताहिर खान ने कांग्रेस उम्मीदवार अबु हेना को 2 लाख 26 हजार 417 वोटों से हराया था। इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार हुमायूं कबीर तीसरे नंबर पर रहे थे। उनको 2 लाख 47 हजार 809 वोट मिले थे। जबकि सीपीएम के बदरुद्दोजा खान को एक लाक 80 हजार 793 वोट मिले थे। विजयी उम्मीदवार अबू ताहिर खान को 6 लाख 4 हजार 346 वोट मिले थे, जबिक कांग्रेस उम्मीदवार को 3 लाख 77 हजार 929 वोट मिले थे।

7 विधानसभा चुनावों का गणित

मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट के तहत 7 विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें भागबंगोला, रानीनगर, मुर्शिदाबाद, हरिहरपारा, डोमकल, जलांगी और करीमपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं। विधानसभा चुनाव 2021 में टीएमसी ने 6 सीटों और बीजेपी ने एक सीट पर जीत दर्ज की। मुर्शिदाबाद में बीजेपी उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है।

मुर्शिदाबाद सीट का जातीय समीकरण

2011 जनगणना के मुताबिक मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट पर 60 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। जबकि 15 फीसदी वोटर अनुसूचित जाति से आते हैं और 1.5 फीसदी वोटर अनुसूचित जनजाति के हैं। इस क्षेत्र की ज्यादातर आबादी कृषि पर आधारित है।

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