कोलकाता, हि.स.। केंद्र की सत्ता से नरेंद्र मोदी सरकार को हटाने के लिए बने विपक्षी इंडी गठबंधन की आज हुई वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ओर से ना तो सुप्रीमो ममता बनर्जी शामिल हुईं और ना ही उनके प्रतिनिधि के तौर पर किसी और नेता ने शिरकत की। हालांकि इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गठबंधन का अध्यक्ष बनाया गया है। इसे लेकर तृणमूल ने संतोष जहर किया है। तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी तो यही सुझाव दिया था। तब इतने दिनों तक इसमें देर क्यों की गई?
TMC कांग्रेस की कार्यशैली से खुश नहीं
सूत्रों ने बताया है कि तृणमूल कांग्रेस गठबंधन की कार्यशैली से खुश नहीं है। पार्टी के एक नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया है कि कांग्रेस अपने तरीके से गठबंधन को चलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा पर दबाव बनाने के लिये ऐसा संकेत दिया जा रहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व में सभी दल एक हो रहे हैं जबकि ऐसा है नहीं।
TMC ने कांग्रेस से नाराजगी जताई
इसलिए तृणमूल कांग्रेस बहुत अधिक उत्साहित नहीं है। शुक्रवार को अचानक गठबंधन की वर्चुअल बैठक की घोषणा से तृणमूल ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि दूसरे दलों से सलाह नहीं ली जा रही है। पार्टी का कहना है कि आज वर्चुअल बैठक में भी कुछ खास चर्चा नहीं हुई और केवल अध्यक्ष का चुनाव करके बात खत्म कर दी गई। जबकि कायदे से सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए।
CM नीतीश कुमार ने भी संयोजक पद ठुकराया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित संयोजक के पद को अस्वीकार किया है। उनकी नजर प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी पर है, लेकिन यह इतना आसान दिखता नजर नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी पर नाराजगी जताई थी।
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