Sandeshkhali Violence: NCSC आयोग ने संदेशखाली हिंसा मामले का लिया जायजा, राष्ट्रपति को आज सौपेंगी रिपोर्ट

Kolkata News: संदेशखाली हिंसा मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने गुरुवार को पीड़ितों से मुलाकात की। इस मामले की रिपोर्ट आज एनसीएससी राष्ट्रपति को सौंपेगी।
Sandeshkhali Violence
Sandeshkhali ViolenceRaftaar.in

नई दिल्ली, हि.स.। संदेशखाली हिंसा मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष अरुण हलदर और एनसीएससी की सदस्य अंजू बाला गुरुवार को पीड़ितों से मिलने संदेशखाली पहुंचे। पीड़िताें से मिलने के बाद आयोग के चेयरमैन और सदस्य ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एनसीएससी की सदस्य अंजू बाला ने कहा, "यह एक शर्मनाक घटना है कि आज के समय में भी महिलाओं के साथ ऐसा कुछ हो सकता है...राज्य की सीएम एक महिला हैं। ' नाम ममता रखती हैं लेकिन दिल में ममता नाम की चीज़ नहीं है '..

आज सुबह 11 बजे राष्ट्रपति को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

एनसीएससी के अध्यक्ष अरुण हलदर ने कहा, ''मुझे संदेशखाली के बारे में रिपोर्ट मिली है कि बहुत से लोग बहुत कुछ कहना चाहते थे लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया गया। आयोग के सदस्य और हम यहां सुनने आए हैं। मैं उनकी बात सुनूंगा और सरकार को रिपोर्ट दूंगा। यह एक संवैधानिक संस्था है, राजनीतिक संस्था नहीं... शुक्रवार सुबह 11 बजे राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजूंगा।"

राज्यपाल ने संदेशखाली की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने संदेशखाली पर एक रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को 14 फरवरी को सौंपी है। रिपोर्ट में पुलिस पर उपद्रवी तत्वों से मिले होने का आरोप लगाया गया है। नई दिल्ली में राज्यपाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।

शेख शाहजहां की तलाश में जुटी ED

राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस की रिपोर्ट के अनुसार, "असामाजिक तत्वों द्वारा बड़ी संख्या में महिलाओं की विनम्रता, गरिमा और सम्मान पर भयानक, चौंकाने वाला और चकनाचूर करने वाला हमला लोकतांत्रिक के लिए खतरा है।", संदेशखाली तब सुर्खियों में आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर शेख शाजहान के करीबियों ने हमला किया था। जब वे 5 जनवरी को TMC नेता शेख शाहजहां के परिसर की तलाशी के लिए गए थे। शाहजहां शेख तब से फरार हैं। भ्रष्टाचार के मामले में ED शाहजहां शेख की तलाश में जुटी है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.