कोलकाता, 07 मार्च (हि.स.)। राज्य विधानसभा चुनाव के पहले दो चरणों के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस व वाम मोर्चा के साथ इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के गठजोड़ को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। गठबंधन को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कांग्रेस पार्टी वाम मोर्चा के साथ गठबंधन के लिए तैयार है लेकिन वह आईएसएफ के साथ सीधे गठबंधन के लिए तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस राज्य विधानसभा चुनाव के लिए वाम मोर्चा के साथ मन से गठजोड़ बनाना नहीं चाह रही है। दरअसल, वाम मोर्चा अपने स्तर से आईएसएफ के लिए कुछ सीटें छोड़ना चाह रही है लेकिन इसके लिए कांग्रेस तैयार नहीं है। रविवार को मालदा से कांग्रेस सांसद अबू हसेम खान चौधरी ने साफ शब्दों में कहा है कि मालदा से आईएसएफ को चुनाव के लिए सीटें नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब्बास सिद्दीकी ने वाम मोर्चा के साथ हाथ मिलाकर 30 सीटें मांगी थीं, जिसे वामफ्रन्ट ने मान लिया है, लेकिन सिद्दीकी की इस मांग को कांग्रेस ने अब तक नहीं माना है। इसलिए इस गठबंधन को लेकर संशय बरकरार है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस यह मांग स्वीकार कर भी लेती है तो आईएसएफ को मालदा से चुनाव लड़ने की उम्मीद छोड़ देनी होगी। चौधरी ने कहा कि आईएसएफ के साथ कांग्रेस का कोई गठजोड़ नहीं हुआ है। वाम मोर्चा ने अब्बास सिद्दीकी के साथ गठजोड़ किया है। हिन्दुस्थान समाचार/गंगा




