हरिद्वार, 04 जून (हि.स.)। प्रदेश में संस्कृत के प्रासार को लेकर संस्कृत भारती ने बैठक संपन्न की। संस्कृत भारती की प्रांत समिति कीबैठक वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई। प्रांत संगठन मंत्री योगेश विद्यार्थी ने कार्यकर्ताओं से आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आगामी 8 से 22 जून तक 16 दिवसीय ऑनलाइन संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश से संस्कृत सीखने के लिए सैकड़ांें युवाओं ने आवेदन किया है। संस्कृत भाषा कौशल की दृष्टि से आगामी 21 से 30 जून तक ऑनलाइन माध्यम से 10 दिवसीय भाषा प्रबोधन वर्ग का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में विकास की दृष्टि से नैपुण्य वर्ग का आयोजन भी जुलाई मास में करने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत होने के बाद भी संस्कृत की स्थिति दयनीय है। अशासकीय संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों में से 155 शिक्षकों को समुचित मानदेय प्रदान किए जाने का सरकार के निर्णय का उन्होंने स्वागत किया। साथ ही सरकार से मांग की कि अभी भी 181 शिक्षक छूटे हुए हैं जिनको समुचित मानदेय प्रदान किया जाए। साथ ही संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों के वर्गीकरण से संबंधित पत्रावली लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित है। सरकार को चाहिए की वर्गीकरण का शासनादेश शीघ्र जारी करे। बैठक में क्षेत्रीय संयोजक प्रेमचंद शास्त्री, प्रांत अध्यक्ष जानकी त्रिपाठी, प्रांत मंत्री राकेश शर्मा, भगवती प्रसाद देवरानी, डॉक्टर पवन, डॉ. नवीन आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत




