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फार्मेसिस्टों की वरिष्ठता सूची को निरस्त कर नए सिरे से जारी करने के आदेश

नैनीताल, 03 मई (हि.स.)। उत्तराखंड पब्लिक ट्रिब्यूनल ने राज्य आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग द्वारा 5 मार्च 2019 को जारी 238 फार्मेसिस्टों की वरिष्ठता सूची को निरस्त करते हुए तीन माह के भीतर नए सिरे से वरिष्ठता सूची जारी करने के आदेश दिए हैं। सोमवार को ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष रामसिंह व प्रशासनिक सदस्य एएस नयाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार फार्मेसिस्ट सतीश ममगई व राकेश रावत ने याचिका दायर कर फार्मेसिस्टों की 5 मार्च 2019 को जारी पदोन्नति सूची को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि दिसंबर 2009 में 238 फार्मेसिस्टों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने 2012 में ये नियुक्तियां निरस्त कर विभाग से दोबारा मैरिट लिस्ट बनाकर नियुक्तियां करने का आदेश दिया था। जिसके बाद विभाग ने पुनः मैरिट लिस्ट बनाकर नियुक्तियां की गई जिसमें दोनों याचिकाकर्ता भी शामिल थे। याचिका में कहा गया कि नियुक्ति के समय उनका क्रमांक 10 व 19 था । लेकिन वरिष्ठता सूची में उन्हें सबसे नीचे रखा गया है। इसके अलावा याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जब हाईकोर्ट ने 2009 की नियुक्ति रद्द कर दी थी तो वरिष्ठता सूची 2009 के आधार पर बनाना गलत है। इन तर्कों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने 2019 में जारी वरिष्ठता सूची रद्द कर दी है। बतादें कि यह वरिष्ठता सूची के बाद करीब दो दर्जन फार्मेसिस्ट चीफ फार्मेसिस्ट भी बन गए हैं। जिनकी पदोन्नति अब प्रभावित होगी। इसके अलावा विभाग ने 2011 में भी फार्मेसिस्टों की नियुक्ति की है और इस आधार पर उनके वरिष्ठ होने की संभावना हो गई है। हिन्दुस्थान समाचार/लता नेगी

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