देहरादून, 21 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश की मातृ शक्ति के लिए मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना विकास की नई आधारशिला रखेगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस योजना के माध्यम से महिलाओं को एक उपहार दिया है। बुधवार को दी गई जानकारी के अनुसार आर्थिक अभाव एवं जानकारी की कमी के कारण गर्भवती महिला अपना व शिशु की स्वच्छता का ध्यान नहीं रख पातीं। कई बार शिशु कुपोषण का शिकार हो जाता है। इस योजना के अंतर्गत मां एवं 2 नवजात बालिकाओं/जुड़वा बालिकाओं के जन्म पर महालक्ष्मी किट महिलाओं को प्रदान की जाएगी जिसमें जच्चा बच्चा से संबंधित विभिन्न प्रकार की वस्तुएं व जानकारी होगी। उत्तराखंड सरकार की इस योजना का उद्देश्य संस्थागत प्रसव के दौरान बालिका दर को बढ़ावा देने के साथ-साथ मातृ मृत्यु दर एवं बालिका मृत्यु दर में कमी लाना है। सरकार चाहती है कि प्रसव के समय मां एवं बालिका को आवश्यक सामग्री प्रदान कर मां एवं बालिका की अतिरिक्त देखभाल की जा सके। प्रसव उपरांत स्वच्छता के बारे में जागरूक करना भी इस योजना का उद्देश्य है। उत्तराखंड सरकार की ओर से बच्चे के जन्म पर परिवार को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर जननी सुरक्षा योजना, नंदा गौरा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि का लाभ उठाने का आग्रह किया जा रहा है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए गर्भवती महिला का आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण होना व उत्तराखण्ड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को लागू करते हुए मातृ शक्ति को बधाई दी है। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती




