नैनीताल, 24 मई (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कुमाऊं मंडल की स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाई देने के लिए रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्टरी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना करने की मांग की है। इस संबंध में कुटा ने प्रधानमंत्री मोदी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन तथा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन भेजा है। इसमें कहा गया है कि अधिकांश पर्वतीय भूभाग वाले कुमाऊं मंडल में स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत उच्च स्तर की नहीं है। यहां पर कोई भी ऐसे बड़े अस्पताल नहीं है जहां गंभीर रोगों का उपचार किया जा सके। इस कारण यहां के गंभीर रोगियों को उपचार के लिए ऋषिकेश स्थित एम्स अथवा दिल्ली एम्स जाना पड़ता है। अधिक दूरी एवं अधिक व्यय होने के कारण यहां के गंभीर रोगी इन संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते हैं, यह इन एम्स के रोगियों के आंकड़ों में भी देखा जा सकता है। इस कारण यहां के रोगियों को उपचार न मिल पाने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। इन सब स्थितियों के मद्देनजर रानीबाग की सालों से बंद एचएमटी फैक्टरी में एम्स की स्थापना की जाए तो यह इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के वरदान साबित हो सकता है। इसके अलावा कूटा ने कोरोना के विरुद्ध प्रथम पंक्ति के योद्धाओं के रूप में कार्य कर रहे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, पुलिस, पर्यावरण मित्र, एनएसएस व एनसीसी के स्वयं सेवकों, कोविड केयर केंद्रों में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है तथा उनके इस कार्य के लिए सराहना की है। ज्ञापन कुटा के अध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सोहेल जावेद, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. पैनी जोशी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. रितेश साह, डॉ.सीमा चौहान तथा डॉ. गगन होती की ओर से भेजा गया है। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ.नवीन जोशी





