देहरादून, 03 जून (हि.स.)। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मानते हैं कि सरकार प्रतिबंद अथवा कर्फ्यू लगाने का कोई उद्देश्य नहीं रखती। परिस्थितियों को परखने के बाद व्यापारियों के हित में प्रभावकारी फैसला लिया जाएगा। सुबोध उनियाल से गुरुवार को व्यापारियों के प्रदर्शन से संबंधित प्रश्न पूछा गया तो उनका कहना था कि सरकार स्थितियों पर नजर रखे हुए है। सरकार अनुकूल फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार दबाव में नहीं आएगी लेकिन 8 जून के बाद थोड़ी राहत दी जा सकती है, इसको लेकर मंथन होगा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में लागू कोविड कर्फ्यू में दी जा रही ढील के बाद अब उत्तराखंड सरकार भी इस दिशा में मंथन में जुट गई है। इसके तहत चौथे चरण के कोविड कर्फ्यू की अवधि आठ जून को समाप्त होने के बाद चरणबद्ध ढंग से बाजार खोले जा सकते हैं। सरकार यह भी विचार कर रही है कि जिलों में विकासखंड स्तर पर समीक्षा कर संक्रमण के प्रभाव वाले विकासखंडों को छोड़कर शेष को छूट दे दी जाए। कोरोना संक्रमण से मुक्त होने वाले जिलों में बाहरी जिलों से जाने वालों के लिए 72 घंटे पहले तक की आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की जा सकती है। उनियाल ने कहा कि जिलेवार आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही सरकार कोई निर्णय लेगी। किसी के दबाव में नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा को देखते हुए फैसले लिए जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती




