हरिद्वार, 30 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड चारधाम यात्रा राज्य सरकार द्वारा स्थगित किए जाने से चिंतित उत्तराखंड मैक्सी-टैक्सी महासंघ के संरक्षक संजय चोपड़ा के संयोजन में रेलवे रोड स्थित मैक्सी टैक्सी महासंघ कार्यालय पर बैठक का आयोजन किया। बैठक के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से संयुक्त रूप से चारधाम यात्रा को कोरोना के नियमों के साथ संचालन पर पुनः विचार किए जाने की मांग की। मैक्सी टैक्सी महासंघ से जुड़ी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि वर्ष 2019-20 में पहले से ही उत्तराखंड चारधाम यात्रा में आवागमन शून्य रहा है। अब वर्ष 2021 की चारधाम यात्रा यदि संचालित नहीं होगी तो उत्तराखंड का पर्यटन उद्योग पूर्ण तरीके से समाप्त होकर भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। इसी के दृष्टिगत राज्य सरकार को पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर जिला अधिकारियों के माध्यम से विचारों के आदान-प्रदान के साथ नई योजनाएं बनाए जाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर महासंघ के संरक्षक संजय चोपड़ा ने कहा राज्य में कोविड-19 की महामारी भी एक चुनौती के समान है। ऐसी चुनौती के साथ-साथ उत्तराखंड वासियों का तीर्थाटन व पर्यटन व्यापार कैसे संचालित हो, इसके लिए राज्य सरकार को चिंतन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा वर्ष 2019 में उत्तराखंड हरिद्वार, ऋषिकेश में ट्रेनों का संचालन मरम्मत कार्यों की वजह से बंद किया गया था। उस वक्त से अब तक कोविड-19 की वैश्विक महामारी की वजह से उत्तराखंड चारधाम यात्रा संचालित ना होने के कारण आज उत्तराखंड का ट्रांसपोर्ट व पर्यटन उद्योग पूर्ण रूप से बर्बादी की और खड़ा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी व्यापारियों की आजीविका को संचालित करने के लिए राज्य सरकार को चारधाम यात्रा संचालन करने के लिए पुनः विचार करना चाहिए। चारधाम यात्रा के संचालन पर पुनः विचार किए जाने की मांग करते मैक्सी-टैक्सी महासंघ से जुड़े मैक्सी- टैक्सी चालक व मालिक भगवान सिंह राणा, बलबीर सिंह नेगी, राजपाल सिंह, सुरेंद्र गोसाई, बाबूराम रावत, विमल कुमार बिष्ट, निकलेश यादव, देवेंद्र सिंह, सतीश कुमार, जसराज पाल, मोहन राम, सत्यदेव चमोली, जसकरण सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत




