Uniform Civil Code: CM धामी को सौंपा गया UCC ड्राफ्ट, अब शादी की उम्र 21 साल... नहीं तो जाना पड़ेगा जेल

Dehradun: उत्तराखंड में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने की संभावना है। ड्राफ्टिंग समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट सौंप दी है।
Uniform Civil Code
CM Pushkar Singh Dhami
Uniform Civil Code CM Pushkar Singh Dhami Raftaar.in

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के उद्देश्य से ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ड्राफ्ट सौंप दी है। यूसीसी लागू होने से हर धर्म के लोगों को समानता का अधिकार मिलेगा। खासकर महिलाओं को मद्देनजर रख कर इसे विधानसभा प्रस्तुत किया जाएगा।

किनकी अध्यक्षता में ड्राफ्ट हुआ तैयार?

मुख्यमंत्री ने कहा है कि आज का दिन हम सभी प्रदेशवासियों के लिए महत्वपूर्ण है, जब हम प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के विजन को साकार करते हुए और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि धामी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने वादे के अनुसार 23 मार्च 2022 को हुई पहली मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) लागू करने का फैसला किया।

यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की गई। समिति में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया में आज जारी पोस्ट में कहा कि ड्राफ्ट की समीक्षा के उपरांत आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाकर समान नागरिक संहिता को प्रदेश में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

हर धर्मों में समान कानून होगा लागू

समान नागरिक संहिता में राज्य में निवास कर रहे सभी धर्म और समुदाय के लोगों के लिए समान कानून की वकालत की गई है। इस समय हर धर्म और जाति का अलग कानून है, इसके हिसाब से ही शादी, तलाक जैसे व्यक्तिगत मामलों में निर्णय होते हैं। इसके लागू होने के बाद हर धर्म और जाति के नागरिकों के लिए विवाह पंजीकरण, तलाक, बच्चा गोद लेना और सम्पत्ति के बंटवारे जैसे मामलों में समान कानून लागू होगा।

केUCC लागू होने से कैसे आएगा बदलाव?

1. समान कानून लागू होने से लड़की की शादी की उम्र 21 साल होगी।

2. बहुविवाह पर रोक लगाई जाएगी।

3. लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को पुलिस स्टेशन में रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। साथ ही इस बात की सूचना अपने माता-पिता को देनी होगी।

4. शादी के बाद रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन न होने पर शादी को अवैध माना जाएगा। रजिस्ट्रेशन न कराने पर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने से वंचित होना पड़ सकता है।

5. समान कानून लागू होने से मुस्लिम महिलाओं को भी गोद लेने का अधिकार होगा और इसकी प्रक्रिया बेहद आसान होगी।

6. महिलाओं को भी पुरुषों के समान माता-पिता की संपत्ति में बराबर हिस्सा मिलेगा।

7. मुस्लिम समुदाय की इद्दत प्रथा पर प्रतिबंध लग सकता है।

8. पति-पत्नी के बीच तलाक की प्रकिया अब समान होंगी।

9. पति-पत्नी के बीच विवाद में बच्चों की कस्टडी दादा-दादी को दी जाएगी।

10. अनाथ बच्चों को गोद लेने और देखरेख की प्रक्रिया आसान होगी।

11. जनसंख्या को कंट्रोल करने के लिए विधानसभा में विधेयक पेश किया जा सकता है।

12. नौकरीपेशा बेटे की मृत्यु की स्थिति में बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पत्नी पर होगी और उसे मुआवजा मिलेगा। साथ ही पति की मृत्यु की स्थिति में यदि पत्नी पुनर्विवाह करती है तो उसे मिला हुआ मुआवजा माता-पिता के साथ साझा किया जाएगा।

13. अगर पत्नी की मृत्यु हो जाती है और उसके माता-पिता को कोई सहारा नहीं मिलता है, तो उनकी देखरेख की जिम्मेदारी पति की होगी।

14. यूसीसी ड्राफ्ट में महिलाओं पर ध्यानकेंद्रित किया गया है।

15. आदिवासी समाज को यूसीसी से राहत मिलने की संभावना है।

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