back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

योगी सरकार का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव से पहले OBC आयोग बनेगा, हाईकोर्ट में दाखिल किया हलफनामा

यूपी में इस साल अप्रैल मई के महीने में पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी दावा कर चुके हैं कि यूपी में पंचायत चुनाव अपने समय पर ही कराए जाएंगे।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करेगी। सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई के दौरान हलफनामा दाखिल कर बताया कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया।

अप्रैल-मई में चुनाव पर सस्पेंस

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव समय पर कराने की तैयारी है। हालांकि अभी तक OBC आयोग का गठन नहीं हुआ है, इसलिए माना जा रहा है कि चुनाव की तारीखों में देरी भी हो सकती है।

मामला कोर्ट तक कैसे पहुंचा?

जनहित याचिका में कहा गया था कि मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है और उसे स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण तय करने का अधिकार नहीं है। जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की बेंच के सामने सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नया समर्पित आयोग बनाया जाएगा। सरकार अधिसूचना जारी कर नया आयोग बनाएगी। आयोग प्रदेश में OBC वर्ग की स्थिति का रैपिड सर्वे करेगा। सर्वे के आधार पर आरक्षण का प्रतिशत और सीटें तय होंगी। सरकार आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग पंचायत चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लखकर OBC आयोग गठन की मांग की थी। राजनीतिक दल खुलकर बयान नहीं दे रहे, लेकिन अंदरखाने चुनाव टलने की चर्चा तेज है।

कार्यकाल खत्म होने पर क्या होगा?

ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले सप्ताह में समाप्त हो रहा है। यदि तब तक चुनाव नहीं होते, तो सरकार अस्थायी तौर पर प्रशासक नियुक्त कर सकती है, जो नए चुनाव तक जिम्मेदारी संभालेंगे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पंचायत चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल सतर्क है। माना जा रहा है कि पंचायत स्तर पर टिकट और समर्थन को लेकर कार्यकर्ताओं में विवाद बढ़ सकता है, जिसका असर 2027 विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। इसलिए पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और आरक्षण ढांचा मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

Advertisementspot_img

Also Read:

उत्तर प्रदेश में होली पर सख्ती: बिना हेलमेट-सीटबेल्ट नहीं चलेंगे वाहन, CM योगी आदित्यनाथ ने दिए कड़े निर्देश

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। होली के त्योहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...