Mukhtar Ansari पर एक्शन लिया तो पुलिस अफसर पर दर्ज हो गया था केस, छोड़नी पड़ी थी नौकरी

Mukhtar Ansari: पुलिस अफसर शैलेन्द्र सिंह ने उस समय की सरकार के दवाब के कारण परेशान आकर यूपी पुलिस से इस्तीफा दे दिया था।
Shelendra Singh and Mukhtar Ansari
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के एक बहादुर पुलिस ऑफिसर शैलेंद्र प्रताप सिंह को माफिया मुख्तार अंसारी पर कार्रवाई करने पर बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी। वह एक ईमानदार पुलिस अफसर थे।

शैलेन्द्र सिंह जनवरी 2004 में एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी थे

शैलेन्द्र सिंह जनवरी 2004 में एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी थे। इस बहादुर पुलिस अफसर ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से पहले ही मुख्तार अंसारी के एलएमजी खरीदने का पर्दाफाश कर दिया था। शैलेन्द्र सिंह ने एलएमजी बरामद कर मुख्तार अंसारी के खिलाफ पोटा लगा दिया था। उनके इस साहसिक कार्य को सराहने की जगह उस समय की राज्य सरकार उनसे नाराज हो गयी थी। बहादुर पुलिस अफसर पर मुख्तार अंसारी के मुकदमे को वापस लेने का दवाब बनाया जाने लगा था। जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर दिया गया। जिसके कारण शैलेन्द्र सिंह ने डिप्टी एसपी पद से इस्तीफा दे दिया था।

जिसके कारण पुलिस अफसर शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर दिया गया

पुलिस अफसर शैलेन्द्र सिंह ने उस समय की सरकार के दवाब के कारण परेशान आकर यूपी पुलिस से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के कुछ महीने के बाद ही वाराणसी के कैंट थाने में डीएम कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लालजी ने शैलेन्द्र सिंह के खिलाफ तोड़फोड़ मारपीट हंगामा करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जिसके कारण पुलिस अफसर शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर दिया गया। वहीं पुलिस ने चार्जशीट तक कोर्ट में दाखिल कर इस पुलिस अफसर की परेशानी बड़ा दी थी।

जिसके बाद उल्टा शैलेन्द्र सिंह पर ही मुकदमे दर्ज दिए गए

शैलेन्द्र सिंह ऐसे जांबाज पुलिस अफसर थे, जिन्होंने मुख्तार अंसारी के रसूख की परवाह न करते हुए। अंसारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। उन्होंने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से पहले ही अंसारी के एलएमजी खरीदने के राज का पर्दाफाश कर दिया था। वह यहां तक ही नहीं रुके बल्कि शैलेन्द्र सिंह ने मुख्तार अंसारी पर पोटा के तहत मुक़दमा दर्ज कर दिया था। उस समय की सरकार ने उनपर इस मुकदमे को वापस लेने के लिए बहुत दवाब बनाया था। लेकिन इस ईमानदार और देश प्रेमी पुलिस अफसर ने मुख्तार अंसारी पर पोटा के मुकदमे को वापस नहीं लिया। जिसके बाद उल्टा शैलेन्द्र सिंह पर ही मुकदमे दर्ज दिए गए। इससे परेशान आकर इस पुलिस अफसर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

यह जांबाज पुलिस अफसर 1991 बैच के पीपीएस अफसर थे

शैलेन्द्र सिंह को योगी सरकार ने वर्ष 2021 में उनके खिलाफ दर्ज केसो को वापस लेकर बड़ी राहत दी थी। शैलेन्द्र सिंह के बाबा राम रूप सिंह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। यह जांबाज पुलिस अफसर 1991 बैच के पीपीएस अफसर थे। वह चंदौली जिले के फेसुड़ा गांव से संबंध रखते हैं। शैलेन्द्र सिंह गौसेवा करते हैं और अपने जीवन निर्वाह के लिए आर्गेनिक खेती करते हैं।

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