नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में 2027 के प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि Bahujan Samaj Party किसी दल के साथ गठबंधन कर सकती है। सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा थी, वह हैदराबाद के सांसद Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) का था।
मायावती ने साफ की तस्वीर
हालांकि इन अटकलों के बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो Mayawati ने खुद सामने आकर तस्वीर साफ कर दी, जिससे गठबंधन की चर्चाओं पर अचानक ब्रेक लग गया और सियासी समीकरणों को लेकर नई बहस छिड़ गई।
चुनाव करीब, साजिशों का आरोप
Bahujan Samaj Party की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati ने कहा है कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में चुनाव नज़दीक आएंगे, उनके विरोधी दल बसपा को सत्ता से दूर रखने के लिए और ज्यादा प्रयास करेंगे तथा साजिशें रचेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और संगठन को मजबूत बनाए रखने की अपील की।
अंबेडकरवादियों से राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होने की अपील
मायावती ने यह भी कहा कि सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सभी अंबेडकरवादियों को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के आत्म-सम्मान और सामाजिक न्याय के आंदोलन को और मजबूत करने के लिए लगातार काम करते रहना चाहिए। उनके बयान को चुनाव से पहले समर्थकों को संगठित और सक्रिय रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
गठबंधन की खबरें ‘फेक’, मीडिया को दी नसीहत
Mayawati ने कहा कि इन दिनों जहां एआई को सफलता की पूंजी बताने जैसी बहसें चल रही हैं, वहीं मीडिया में यह चर्चा भी फैलाई जा रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव Bahujan Samaj Party गठबंधन में लड़ेगी। उन्होंने इस दावे को पूरी तरह झूठ और फेक न्यूज करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बसपा पहले ही ऐलान कर चुकी है कि वह चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने मीडिया से अपील की कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरें न चलाई जाएं और भ्रामक चर्चाओं से बचा जाए।
गठबंधन की अटकलों पर सख्त रुख
एक प्रेस वार्ता में Mayawati ने कहा कि Bahujan Samaj Party पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। इसके बावजूद गठबंधन की खबरें चलाना एक “घिनौनी साजिश” है और इससे कुछ लोग व मीडिया अपनी ही छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने इसे बसपा विरोधी एजेंडा बताते हुए लोगों से अपील की कि ऐसी खबरों पर ध्यान न दें।
विपक्षी दलों पर निशाना
मायावती ने कांग्रेस, सपा और बीजेपी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि इन दलों की सोच संकीर्ण है तथा वे बाबा साहेब के सिद्धांतों के खिलाफ काम करते हैं। उनके इस बयान को 2027 से पहले राजनीतिक जमीन मजबूत करने और समर्थकों को स्पष्ट संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।
गठबंधन से क्यों किया इनकार?
Mayawati ने स्पष्ट किया कि अन्य दलों के साथ गठबंधन करने से Bahujan Samaj Party को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरे जोश और समर्पण के साथ अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि बसपा 2007 की तरह इस बार भी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी।
टाइप-8 बंगले पर क्या कहा?
बसपा सुप्रीमो को सुरक्षा कारणों से टाइप-8 बंगला मिलने के सवाल पर मायावती ने कहा कि इस मुद्दे पर भी षड्यंत्र के तहत गलत खबरें चलाई गईं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा दृष्टिगत जो आवास उन्हें आवंटित किया गया है, उसे उन्होंने स्वीकार किया है और इसमें किसी तरह की अनियमितता या विशेष सुविधा का सवाल नहीं है।
1995 गेस्ट हाउस कांड का जिक्र
Mayawati ने आरोप लगाया कि 2 जून 1995 को हुए चर्चित गेस्ट हाउस कांड में तत्कालीन Samajwadi Party सरकार और उसके सुप्रीमो के कहने पर उन पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि इस घटना के अगले ही दिन भारत सरकार ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई और सुरक्षित आवास भी दिया।
सुरक्षा से जुड़े खतरे का दावा
मायावती का कहना है कि इतने साल बीत जाने के बावजूद उनकी सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्हें टाइप-8 का बंगला मिला था और अब सुरक्षा कारणों से मिला आवास भी उसी श्रेणी का है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएंगे, बसपा को सत्ता से दूर रखने के लिए विपक्षी दलों के हथकंडे और तेज होते जाएंगे।





