अजय राय को यूपी अध्यक्ष बनाने के पीछे कांग्रेस का क्या है सियासी गणित, जानिए कैसे पहुंचेगा राजनीतिक फायदा?

अजय राय ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताते हुए जो जिम्मेदारी दी है, उसका हम निर्वाह करेंगे। उन्होंने एक सवाल के जबाब में दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस पार्टी जीतेगी।
कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय
कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय

वाराणसी, हि.स.। कांग्रेस के नवागत प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय शुक्रवार को अपने गृह जनपद वाराणसी पहुंचे। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अन्तर राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ढ़ोल नगाड़े की थाप पर प्रदेश अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकारों से बातचीत भी की।

अजय राय का दावा आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस पार्टी जीतेगी

उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताते हुए जो जिम्मेदारी दी है, उसका हम निर्वाह करेंगे। उन्होंने एक सवाल के जबाब में दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस पार्टी जीतेगी। पार्टी के नेता राहुल गांधी ने जो संदेश दिया है, उसे घर-घर पहुचाऊंगा। बाबतपुर एयरपोर्ट से नवागत कांग्रेस अध्यक्ष गाजीपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने रवाना हो गये।

अजय राय की पूर्वांचल में है मजबूत पकड़

बता दें कि अजय राय को उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे कांग्रेस का सियासी गणित कहता है कि पूर्वांचल के इलाकों से अजय राय को हटा दें तो कांग्रेस के पास इस क्षेत्र में कोई ऐसा नेता नहीं है जो अपने बल-बूते पर बड़ी संख्या में लोगों को जुटा पाए। अजय राय के पास कार्यकर्ताओं और समर्थकों की कमी नहीं है। इसके अलावा अजय राय मुखर नेता हैं और तमाम मुद्दों पर लगातार लोगो के बीच अपनी बात पूरी मजबूती से रखते रहे हैं। वे जितनी पकड़ भूमिहार भूमिहार बिरादरी में रखते हैं, उतनी ही दूसरी जातियों में भी उनकी पकड़ है। इसके साथ ही कांग्रेस को पूर्वांचल में सवर्णों के वोट का भी फायदा मिल सकता है। वहीं, बृजलाल खाबरी को यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाए जाने की एक मुख्य वजह यह माना जा रही है कि उनके रहते निकाय में चुनाव कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद कांग्रेस ने उनकी छुट्टी करने का फैसला कर लिया था।

अजय राय नौ बार रहे चुके हैं विधायक

गौरतलब हो कि पांच बार चुनाव जीत कर पूरे दो दशक तक विधायक और प्रदेश सरकार में एक बार राज्य मंत्री रहे अजय राय का परिवार मूल रूप से गाजीपुर के मलसा गांव का निवासी है। तीन पीढ़ियों से परिवार के सदस्य वाराणसी लहुराबीर के महामंडल नगर में रहते है। अजय राय ने 27 वर्ष की उम्र में ही भाकपा के कद्दावर नेता एवं नौ बार के विधायक स्व.ऊदल के साथ ही अपना दल अध्यक्ष स्व.सोने लाल पटेल को भी हरा दिया था। खास बात यह है कि वाराणसी से जुड़े नेताओं में पं.कमलापति त्रिपाठी के बाद पहली बार किसी नेता को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में पूरे प्रदेश की कांग्रेस की कमान संभालने का मौका मिला है। तब और अब की कांग्रेस के हालात में जमीन और आसमान का अंतर है।

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