नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोमवार को मुरादाबाद के रामपुर दोराहा इलाके में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जनसंख्या वृद्धि पर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। शौकत अली ने मुसलमानों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील करते हुए सरकारी नारे “हम दो, हमारे दो” को नकारा और मंच से कहा कि “हम दो, हमारे दो नहीं, बल्कि हमारे दो दर्जन होने चाहिए,” जिसके बाद उनका यह बयान सियासी बहस का केंद्र बन गया।
जनसंख्या पर शौकत अली का तर्क
अपने संबोधन में शौकत अली ने जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े वैश्विक और राष्ट्रीय तर्कों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसकी बड़ी आबादी में छिपी होती है। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को जोड़ते हुए कहा कि जब अल्लाह बच्चों की नेमत दे रहा है तो उसे पूरी खुशी के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए, क्योंकि बच्चे ऊपर वाले की देन हैं और उन्हें रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। शौकत अली ने दावा किया कि आबादी बढ़ने से देश कमजोर नहीं बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत और ताकतवर बनकर उभरेगा।
कुंवारे नेताओं पर शौकत अली का तंज
जनसंख्या नियंत्रण की पैरवी करने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए शौकत अली ने कड़ी टिप्पणी की और कहा कि जो लोग खुद शादी नहीं करते या जिनका अपना परिवार नहीं है, वही दूसरों को जनसंख्या नियंत्रण का ज्ञान देने में लगे रहते हैं। उनके इस बयान को सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं पर सीधा तंज माना जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने मुरादाबाद के मदरसों का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई और कहा कि यहां मदरसों का विस्तार शिक्षा के मकसद से किया गया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर इन्हें ‘आतंकवाद का अड्डा’ बताकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘बी टीम’ के आरोपों पर शौकत अली का तीखा पलटवार
जनसभा के दौरान शौकत अली ने जनसंख्या मुद्दे के साथ-साथ समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। सपा के एक विधायक द्वारा एआईएमआईएम को भाजपा की ‘बी टीम’ बताए जाने पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सपा अपनी सियासी जमीन लगातार खो रही है और अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए मजलिस पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। शौकत अली ने दो टूक कहा कि मुसलमानों का सच्चा रहनुमा वही है जो उनके हक की बात खुलकर और डंके की चोट पर करे, न कि वह जो सिर्फ वोट बैंक की राजनीति तक सीमित रहे।
‘दो दर्जन’ वाले बयान पर सियासी घमासान तेज
शौकत अली के ‘दो दर्जन’ वाले बयान के सामने आते ही सियासी तूफान खड़ा हो गया है, जहां भाजपा समेत अन्य दलों ने उन पर तीखा हमला बोला है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में ध्रुवीकरण को हवा देते हैं और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाते हैं। उधर, सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है, जहां समर्थक और विरोधी आमने-सामने नजर आ रहे हैं।





