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Tuesday, March 31, 2026
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Gyanvapi Case: व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ शुरू होने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साधा निशाना, उठाया सवाल

Gyanvapi Case: जिला न्यायालय के आदेश के बाद ज्ञानवापी स्थित व्यास जी के तहखाने में गुरूवार से पूजा पाठ शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर सवाल उठाया है।

वाराणसी, (हि.स.)। जिला न्यायालय के आदेश के बाद ज्ञानवापी स्थित व्यास जी के तहखाने में गुरूवार से पूजा पाठ शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर सवाल उठाया है।

अदालती आदेश का पालन करते समय उचित प्रक्रिया को बनाए रखना होगा

गुरूवार को अपने सोशल मीडिया के एक्स अकांउट पर सपा प्रमुख ने लिखा किसी भी अदालती आदेश का पालन करते समय उचित प्रक्रिया को बनाए रखना होगा। वाराणसी की अदालत ने इसके लिए सात दिन की अवधि तय की थी। अब हम जो देख रहे हैं वह नियत प्रक्रिया से परे जाने और किसी भी कानूनी सहारे को रोकने का एक ठोस प्रयास है। उधर, व्यासजी के तहखाने में जिला अदालत के आदेश के बाद पूजा-अर्चना शुरू हो गई है।

तहखाने में प्रतिदिन की पूजा का समय बताया

वादी पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि व्यास जी के तहखाने में प्रतिदिन मंगला आरती तड़के 3:30 बजे, भोग आरती – दोपहर 12 बजे, अपरान्ह आरती – शाम 4 बजे, सांयकाल आरती शाम 7 बजे,शयन आरती रात्रि 10:30 बजे होगी।

अब तक दो बार पूजा पाठ आरती हो चुकी है

कोर्ट के आदेश के बाद अब तक दो बार पूजा पाठ आरती हो चुकी है। व्यास परिवार के सदस्य के अनुसार बुधवार देर रात तहखाने में पूजा रात 12:30 पर शुरू हुई और लगभग 1.15 तक चलती रहीं। मंदिर के पांच पुजारी , व्यास परिवार के सदस्य,आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ,काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी ओम प्रकाश मिश्र, पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन, मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, जिला अधिकारी एस राज लिंगम भी मौजूद रहे।

कब क्या हुआ

अदालत के 17 जनवरी के आदेश के बाद डीएम ने 24 जनवरी को तहखाने को अपने अधिकार में ले लिया था। इस पर प्रतिवादी पक्ष अंजुमन इंतजामिया ने आपत्ति जताते हुए तर्क दिया था कि 17 जनवरी के आदेश में अदालत ने केवल रिसीवर नियुक्त करने का जिक्र किया है। उसमें पूजा अधिकार का कोई जिक्र नहीं है। इसलिए वाद को निस्तारित मानते हुए खारिज किया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।अब कोर्ट की अनुमति के बाद अब तक दो बार पूजा पाठ आरती हो चुकी है।

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