Mukhtar Ansari: मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, फर्जी शस्त्र लाइसेंस का था मामला

Mukhtar Ansari: बाहुबली मुख्‍तार अंसारी को 36 साल पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह सजा सुनाई है।
Mukhtar Ansari
Mukhtar AnsariRaftaar

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बाहुबली मुख्‍तार अंसारी को 36 साल पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्तार को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बीते मंगलवार को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसके बाद आज फैसला सुनाया गया है। 36 साल पुराने मामले में वाराणसी की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।

क्या था मामला?

गौरतलब है कि मंगलवार को फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे। बता दें कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस में मुख्तार के खिलाफ यह 8वां मामला है जिसमें कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप था कि दस जून 1987 को दोनाली कारतूसी बंदूक के लाइसेंस के लिए जिला मजिस्ट्रेट के यहां अभियोजन पक्ष ने प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से संस्तुति प्राप्त कर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त कर लिया गया था।

पूर्व डीजीपी देवराज नागर समेत दस गवाहों ने दर्ज किया बयान

इस फर्जीवाड़ा का उजागर होने पर सीबीसीआईडी द्वारा चार दिसंबर 1990 को मुहम्मदाबाद थाना में मुख्तार अंसारी,तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर समेत पांच नामजद एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन, पूर्व डीजीपी देवराज नागर समेत दस गवाहों का बयान दर्ज किया गया। उसके बाद मुख्तार अंसारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

Related Stories

No stories found.