– उप्र के 2498 पंचायत भवनों को डिजिटल करेगी योगी सरकार – किसानों के लिए पंचायत भवनों में लगेगी ई-पाठशाला लखनऊ, 03 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गांव में रहने वाले हर व्यक्ति को इंटरनेट से जोड़ने की तैयारी कर रही है। गांवों में पंचायत भवनों को डिजिटल करने की तैयारी शुरु है। उत्तर प्रदेश सरकार 45 हजार ग्राम सभाओं को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने जा रही है जिससे गांव के लोग एक क्लिक पर अपने गांव में हुए विकास की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे जहां विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। वहीं कोरोना काल में नेशनल ब्रांड बैंड योजना गांव में रहने वाले छात्रों की पढ़ाई की राह को भी आसान करेगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की आबादी में 70 प्रतिशत लोग गांव में निवास करते हैं। प्रदेश में 2498 पंचायत भवन है जबकि 206 बहुउद्देशीय पंचायत भवन है। योगी सरकार इन सभी पंचायत भवनों को डिजिटल करने का काम शुरू कर चुकी है। सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि पंचायत भवन के डिजिटल होने के बाद गांव के लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से पहुंचाई जा सकेगी। गांव में कितनी सड़कों को निर्माण हुआ, कितने हैंडपंप लगे, शौचालयों की स्थिति क्या है। सरकार किसानों के लिए कौन सी योजना ला रही है। इसकी जानकारी ग्रामीणों को अब कम्प्यूटर के एक क्लिक पर मिल जाएगी। डिजिटल गांव में मिलेंगी यह सुविधाएं डिजिटल गांव यानी ऐसा गांव जहां ग्रामीणों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। मसलन गांव में एटीएम, इंटरनेट की सुविधा, गांव के दुकानों पर डेबिट कार्ड और डिजिटल वॉलेट से भुगतान करने की सुविधा, डिजिटल गांव स्कीम के तहत सरकार ऐसे गांवों में मिनी बैंक, मिनी एटीएम, होटल बुकिंग और मोबाइल व डीटीएच रिचार्ज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र भी डिजिटल ही बनाए जाएंगे। साथ ही केन्द्र सरकार की डिजिटल विलेज स्कीम के तहत गांव के किसानों को मौसम की जानकारी भी तत्काल देगी। इससे किसान अपनी फसलों को बचाने का प्रयास पहले ही शुरू कर सकेंगे। पंचायत भवनों के माध्यम से सरकार किसानों को इंटरनेट और वीडियो के माध्यम से खेती की विधि बताने का काम करेगी। बाकायदा किसानों की ई पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। ऑनलाइन पढ़ाई से छात्रों को मिलेगी राहत प्रदेश की योगी सरकार नेशनल ब्राडबैंड मिशन योजना के तहत ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों को बड़ी राहत देने की तैयारी में हैं। इससे छात्रों को इंटरनेट की खराब कनेक्टिविटी की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही वह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ उठा सकेंगे और पढ़ाई के लिए कंटेंट को आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे। ग्रामीण परिवेश से महाविद्यालय व विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले उत्तर प्रदेश के छात्रों की संख्या 60 प्रतिशत से कम नहीं होगी। गांव में हाईस्पीड इंटरनेट सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश





