नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तरप्रदेश के कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली थाने में गुरुवार को उस समय बवाल मच गया जब प्रदेश सरकार में महिला कल्याण राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला खुद थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बीजेपी कार्यकर्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने पर नाराजगी जताई। और उन्होने कहा कि पुलिसकर्मी बदतमीजी कर रहे हैं। थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरु
मंत्री के धरने के बाद स्थानीय अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। यही नहीं इस घटना आने पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष को भी जगजाहिर कर दिया।अधिकारियों के मुताबिक, 5 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। और थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।
इस पूरे में सियासत की भी एंट्री हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधा है।
क्या है पूरा मामला
योगी सरकार में महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने थाना प्रभारी सतीश सिंह पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी और एक्ट्रो सिटी एक्ट के तहत मनमर्जी से केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उन्हें जानबूझकर निशाना बनाने की कोशिश है। इस दौरान उन्होने कहा कि यह योगी सरकार है और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
CO की भी नहीं सुनी
सीओ (सिकंदरा) प्रिया सिंह ने मंत्री प्रतिभा को धरना खत्म करने के लिए मनाने के बार-बार प्रयासों के बावजूद शुक्ला अपनी बात पर अड़ी रही। प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि मैंने पिछले 25 वर्षों में कभी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन आज यह सम्मान की बात है। मैं जानना चाहती हूं कि किसके दबाव में यह मामला दर्ज किया गया।
इस प्रदर्शन के दौरान शुक्ला के साथ उनके पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला भी मौजूद रहे। उस दौरान उन्हें कथित तौर पर सरकार के एक कैबिनेट मंत्री से बात करते हुए और स्थिति पर अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए देखा गया।
थाना प्रभारी के खिलाफ जांच शुरू
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अरविंद मिश्रा द्वारा स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को हटाने और थाना प्रभारी सतीश सिंह के खिलाफ जांच के आदेश देने के बाद धरना समाप्त किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिये गये हैं।





