लखनऊ, 06 अप्रैल (हि.स.)। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से लोक व्यवस्था को भंग करने के गम्भीर मामलों में नियमानुसार अभियुक्तों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गयी है जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आये है । गृह विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को बीते तीन वर्षों में रासुका के तहत की गयी कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया है की इस अवधि में एनएसए के तहत 534 प्रकरण दर्ज हुए। इनमे से केवल 106 बंदी माननीय परामर्श दाती परिषद द्वारा रासुका से अवमुक्त किए गए जबकि केवल मात्र 50 बंदी माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रासुका से अवमुक्त किए गए हैं । प्रवक्ता ने वर्ष वार विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 2018 में 184 ,2019 में 128 तथा वर्ष 2020 में 222 एनएसए के कुल प्रकरणों में माननीय परामर्श दाती परिषद द्वारा 38,21,47 बंदियों को रासुका से अवमुक्त किया गया जबकि उच्च न्यायालय द्वारा रासुका से अवमुक्त किए गये बंदियों की संख्या वर्ष 2018 में 23, वर्ष 2019 में 24 और वर्ष 2020 में मात्र तीन है। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक




