बागपत, 25 मार्च (हि.स.)। छात्रा के अपहरण मामले में अदालत ने तीन भाईयों और उनके बहनोई को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 16-16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजीसी राजीव तोमर ने बताया कि बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में 19 अगस्त 2015 को कक्षा दस की छात्रा का स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया था। छात्रा के पिता ने नोएडा निवासी तीन भाई सद्दाम, इरशाद, अमजद व उनके बहनोई जाहिद निवासी बागपत के खिलाफ बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दो दिन बाद छात्रा को बरामद कर लिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि एक युवक ने अपने दो भाईयो व बहनोई के साथ मिलकर छात्रा का अपहरण किया था। आरोपितों पर छात्रा के साथ दुष्कर्म का भी आरोप लगाया गया था। यह मुकदमा एडीजे पोक्सो एक्ट शैलजा राठी की अदालत में चला रहा था। संयुक्त निदेशक अभियोजन कमलेश कुमार के निर्देशन में एडीजीसी राजीव तोमर व अनुज ढाका ने अदालत में केस की पैरवीं की। एडीजीसी राजीव तोमर ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर छात्रा से दुष्कर्म होने की पुष्टि नहीं हुई थी। अदालत में वादी समेत दस गवाहों की गवाही हुई। अदालत ने मारपीट कर बहला-फुसलाकर छात्रा का अपहरण करने का चारों आरोपितों को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई तथा 16-16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। हिन्दुस्थान समाचार/सचिन





