— खेतों में नमी, जुताई की तैयारी वाराणसी, 27 मई (हि.स.)। बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवाती तूफान ‘यास’ का असर वाराणसी में गुरूवार को दिखने लगा है। सुबह से रूक—रूक हो रही बूंदाबांदी, रिमझिम बारिश ने अधिकतम पारे को भी लुढ़का दिया है। सुबह हवाएं भी 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहती रही। इस वजह से तापमान में कमी के साथ मौसम भी सुहाना हो गया है। पूर्वांह्न 11 बजे तक वाराणसी में अधिकतम तापमान 26 डिग्री डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 95 फीसद और दृश्यता 24 फीसदी रही। बीएचयू के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वाराणसी में तेज हवा के साथ अगले तीन-चार दिनों तक वर्षा हो सकती है। इससे तापमान भी गिरेगा, रात में ठंड का भी एहसास होगा। कोरोना संक्रमण काल में बंदी और बारिश के चलते लोग घरों में ही रहे। उधर, यास चक्रवात उड़ीसा और बंगाल के तट से टकराने के बाद तेजी से बिहार और यूपी की ओर बढ़ रहा है। पूर्वी तटों से टकराने के बाद बनारस में चक्रवात का असर कम है। लेकिन बारिश झमाझम होने की सम्भावना है। ओडिशा-बंगाल में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात यास बिहार के रास्ते यूपी में भी तेजी से बढ़ रहा है। भागलपुर, सुपौल, कटिहार और पूर्णिया समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। चक्रवात से अभी तक बिहार राज्य के किसी भी जिले से जान माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि बिहार में चक्रवात यास कम प्रभावी होकर डिप्रेशन में बदल जाएगा। उधर, जिले में बारिश से ग्रामीण अंचल में रौनक बढ़ गई है। किसान खेतों में मेड़बंदी के साथ बारिश के पानी को खेतों में रोक रहे हैं। जिससे खेतों में नमी आये और जुताई के बाद धान की बेहन डालने की तैयारी हो सके। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/विद्या कान्त




