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अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश सामयिक : प्रमोद तिवारी

प्रतापगढ़, 29 मई (हि. स.)। केंद्रीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रमोद तिवारी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा कोरोना महामारी के चलते अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर सरकार को दिये गये निर्देश को सामयिक करार दिया है। तिवारी ने कहा कि महामारी के चलते कई जगह दुर्भाग्य से एक ही परिवार के चार से पांच सदस्यों को भी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि सबसे पीड़ादायक यह है कि महामारी ने कई मासूम बच्चों के सिर से मां-बाप का साया छीनकर उन्हें अनाथ कर दिया है। ऐसे समय मे जब सरकार ने अनाथ बच्चों को भूख से तड़पते देख बेसहारा स्थिति मे भी इनके प्रबन्धों की सुध न ली तो सुप्रीम कोर्ट को निर्देशात्मक हस्तक्षेप करना पड़ा। कांग्रेस नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अनाथ हुए बच्चों की पूरी जिम्मेदारी निभाने के लिए राज्यों व केंद्र सरकार को दिया गया निर्देश इन सरकारों के मुंह पर तमाचा है। सर्वोच्च न्यायालय का सरकार से यह पूछना कि इतनी भयानक महामारी में देश में कितने बच्चे अनाथ हो गये, इसके बावजूद सरकारें अभी तक मासूमों के लिए उनकी बुनियादी जरूरतों और सुरक्षा के लिए कोई कारगर कार्य योजना नहीं बना सकी यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश में महामारी के दौर में भी अनाधिकृत शराब से लगातार हो रही मौतों को सरकार के नियंत्रण के लिए चुनौतीपूर्ण भी करार दिया है। इस समय प्रदेश में आबकारी विभाग तथा अनाधिकृत शराब के निर्माताओं का खुला गठजोड़ चल रहा है। उन्होंने प्रतापगढ़, प्रयागराज, फूलपुर, उन्नाव व बाराबंकी में जहरीली शराब से हुई मौतों पर भी आबकारी विभाग एवं शराब माफियाओं के गठजोड़ पर सरकारी निरंकुशता के आरोप लगाये है। पश्चिम में महामारी तथा भयानक तूफान के बावजूद राज्य की मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के बीच असंसदीय भाषा मे छिड़ी लड़ाई को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। कोरोना महामारी पर नियंत्रण के सरकार के दावे पर आंकड़े कोविड मरीजों और मृतकों के रोज हुबहू वही आ रहे है। इसके बावजूद कि ग्रामीण अंचलों मे टेस्टिंग न के बराबर है और अस्पतालों में इलाज के उपकरण और ऑक्सीजन तथा जरूरी दवाओं को लेकर हाय तौबा मची है। ऐसे में प्रमोद ने केंद्र और राज्य सरकार से आंकडों में कमी की तुरूपबाजी की जगह महामारी को नियंत्रित करने के लिए वास्तविक और जरूरी तथा व्यवहारिक प्रबन्ध सुनिश्चित करने चाहिये। हिन्दुस्थान समाचार/दीपेन्द्र/दीपक

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