नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चंदौली से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद वीरेंद्र सिंह ने भगवान राम और माता सीता को लेकर विवादित बयान देकर सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि भगवान राम वनवास के दौरान समाजवादी विचारधारा अपनाते थे और उन्होंने सामान्य लोगों और वनवासियों से समर्थन लिया, जबकि बीजेपी के समर्थक राम को राजा के रूप में मानते हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने राम से चुगली कर माता सीता को वनवास भिजवाया।
भगवान राम भिलनी के बेर खाना पसंद करते थे
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान राम भिलनी के बेर खाना पसंद करते थे, झोपड़ी में रहना पसंद करते थे और निषाद समाज से मित्रता की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों को सम्मान देना और मित्र बनाना ही समाजवाद की पहचान है। सांसद ने कहा, हम लोग राम के उस रूप को मानते हैं जो वनवासी थे और समाजवादी विचारों के थे, जबकि भाजपा समर्थक राजा राम के रूप की पूजा करते हैं।
सांसद का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद पैदा कर गया है। मीडिया में उनके बयान पर चर्चा के दौरान उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें मौर्य ने सपा के विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने की बात कही थी। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि केशव मौर्य जैसे बयानों के कारण वे चुनाव नहीं जीत पाए थे, और इस बार भी उनका चुनाव वहीं से होने वाला है।
सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि वीरेंद्र सिंह का बयान सपा और बीजेपी के बीच आगामी चुनावों से पहले सियासी टकराव को और बढ़ा सकता है। बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिसमें कुछ लोग सांसद के बयान को आलोचना का विषय मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे समाजवादी दृष्टिकोण से सही ठहराते हुए देख रहे हैं।





