स्थगित हुई मंदिर निर्माण समिति की बैठक अयोध्या, 03 मई (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के मंदिर निर्माण से पहले ग्राउंड इम्प्रूवमेंट के लिए खोदी गयी नींव में इंजीनियर फिल्ड मटेरियल की भराई शुरू हो चुकी है। काम को गति प्रदान करने के लिए राम मंदिर निर्माण की कार्यदाई संस्था एलएण्डटी ने इंजीनियर फिल्ड मटेरियल की लेयरों को बिछाने की जिम्मेदारी राजस्थान की मेसर्स बालाजी कांस्ट्रक्शन कंपनी को दे दी है। कोविड प्रोटोकल की वजह से इस कार्य के लिए मजदूरों की संख्या न बढ़ाकर अब ग्राउंड इंम्प्रूवमेंट का ज्यादातर काम मशीनों के जरिए हो रहा है। निर्धारित समय में काम पूरा करने के लिए परिसर में मशीनों की संख्या बढ़ा दी गयी है। कंपनी अपने दर्जनभर तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों के साथ दूसरी लेयर को तय समय में भर लेने के काम में जुटी है। सीमेंट, कंक्रीट और मौरंग सहित अन्य निर्माण सामग्रियों के भंडारण का काम भी तेज कर दिया गया है। ताकि बारिश में इनकी कमी न होने पाए। कोविड संक्रमण कम होते ही 300 से 500 श्रमिकों को एक साथ काम पर लगाया जाएगा। इसके लिए रामकोट स्थित राम जन्मभूमि न्यास के पुराने कार्यालय और विभीषण कुंड के पास दो मंजिला हल तैयार किए गए हैं। फिलहाल, 50 श्रमिक काम कर रहे हैं। मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र का कहना है कि द्वितीय लेयर को भरने में निर्धारित समय में थोड़ा विलंब हुआ है। इसलिए मशीनों की संख्या बढ़ाई गयी है। वैसे भी संक्रमण की वजह से मैनुअल काम से बचा जा रहा है। इंजीनियर फिल्ड मटेरियल की लेयर सेट करने के लिए दो वायब्रोरोलर काम कर रहे हैं। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक दो मई से नई दिल्ली के त्रिमूर्ति भवन में प्रस्तावित थी। कोविड महामारी के बढ़ते संक्रमण के कारण दिल्ली में घोषित लकडाउन को ध्यान में रखते हुए बैठक को अग्रिम सूचना तक स्थगित कर दिया गया है। इस बैठक के स्थगन को लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। फिर भी अयोध्या में मौजूद रामजन्मभूमि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय व अन्य ट्रस्टी फिलहाल अयोध्या में ही मौजूद हैं। रामजन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य डा.अनिल मिश्र का कहना है कि विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत के लिए बैठक एक रुटीन प्रक्रिया है जो कि आवश्यकता के अनुसार होती रहती है। फिर भी इस समय देश व समाज की परिस्थिति अनुकूल नहीं है, इसलिए जो जहां है, वहीं सुरक्षित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/ पवन




