back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: आज राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा धर्म ध्वज, जानें महत्व और नियम

अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर आज ध्वज फहराया जायेगा। मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाने का विशेष धार्मिक महत्व होता है। आइए विस्‍तार से जानते हैं कि इसके बारे में।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । आज, 25 नवंबर 2025, मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम होगा। यह आयोजन विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर किया जा रहा है, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम और माता सीता के विवाह दिवस के रूप में जाना जाता है। मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाना विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इसे भगवान की विजय, शक्ति और धर्म की प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस अवसर से जुड़े नियमों और परंपराओं के अनुसार, ध्वज को सही दिशा, समय और विधि से शिखर पर लगाया जाता है, ताकि उसका धार्मिक महत्व पूरी तरह सुरक्षित रहे। आइए जानते हैं इसका महत्‍व और इससे जुड़े नियम। 

क्‍यों लगाते हैं मंदिर शिखर ध्वज ?

मंदिर के शिखर पर लहराता ध्वज अध्यात्म, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। लगभग सभी छोटे-बड़े मंदिरों में शिखर पर ध्वज लगाया जाता है। यह सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि भगवान की उपस्थिति और मंदिर की पवित्रता का संकेत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ध्वज से दिव्य ऊर्जा का संचार होता है और इसी कारण इसे शिखर पर स्थापित करना अनिवार्य माना जाता है।

मंदिर के शिखर पर ध्वज का महत्व

मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे मंदिर का रक्षक माना जाता है, जो बुरी शक्तियों को दूर रखता है। धर्म ध्वज लगाने से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती। ध्वज का रंग और आकार भी विशेष महत्व रखते हैं। राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज केसरिया रंग का है, जिसकी लंबाई 22 फुट और चौड़ाई 11 फुट है। इस ध्वज पर सूर्य का चिन्ह, सूर्य के केंद्र में ‘ॐ’ और कोविदार वृक्ष अंकित हैं। यह ध्वज अयोध्या के ऐतिहासिक महत्व और सूर्यवंश की परंपरा का प्रतीक भी है।

ध्वज फहराना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण 

मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर का शिखर मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं के समान ही पवित्र और पूजनीय होता है। जिन लोगों को मंदिर में सीधे दर्शन करने का अवसर नहीं मिलता, वे केवल शिखर का दर्शन करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ‘शिखर दर्शनम् पापनाशनम्’ श्लोक का अर्थ है कि मंदिर के शिखर का दर्शन करने मात्र से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं

मंदिर पर ध्वज लगाने के नियम और शुभ समय

धर्म ध्वज को हमेशा मंदिर के शिखर पर, कलश के ऊपर, ऊंची जगह पर ही लगाया जाना चाहिए। ध्वज कभी फटा हुआ या झुका हुआ नहीं होना चाहिए। रात के समय ध्वज फहराना अशुभ माना जाता है। इसे केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच फहराया जाना चाहिए। ध्वजारोहण करने वाले व्यक्ति को स्नान आदि करके, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण भाव से यह कार्य करना चाहिए।

डिस्क्लेमर : यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से साझा की जा रही है। हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

होली से पहले यूपी कर्मचारियों में खुशी की लहर, योगी सरकार ने फरवरी वेतन 28 फरवरी को देने का आदेश जारी किया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश में होली से पहले सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...