नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 5 फरवरी के बाद से लाखों लोग अपने वाहनों से शहर पहुंचे, जिससे सड़कों पर जबरदस्त जाम लग गया। 7, 8 और 9 फरवरी को करीब 15 लाख गाड़ियां प्रयागराज में दाखिल हुईं, लेकिन बाहर निकलने की व्यवस्था उतनी तेज नहीं होने से हालात बिगड़ गए।
हाईवे से संगम तक जाम की स्थिति
शहर के सभी पार्किंग स्थल पूरी तरह भर चुके हैं। श्रद्धालु अपने वाहन शहर से 15 किलोमीटर पहले ही छोड़कर संगम पहुंच रहे हैं। स्नान के बाद अपनी गाड़ियों तक लौटने में उन्हें भारी परेशानी हो रही है। यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा स्नान के दौरान खास सतर्कता बरती जाए। शटल बसों की संख्या बढ़ाई जाए और रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ नियंत्रित करने के इंतजाम किए जाएं। महाकुंभ के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ADM और SDM स्तर के 28 अधिकारियों की विशेष टीम तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
BJP और सपा की अलग-अलग राय
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से यातायात प्रबंधन में प्रशासन की मदद करने को कहा है। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेना तक उतारने की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि “प्रयागराज के लोग हाउस अरेस्ट हो चुके हैं। महाकुंभ के चलते प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में भी भारी भीड़ उमड़ रही है। जगह न मिलने से कई स्टेशनों पर हंगामा हो गया। मधुबनी में यात्रियों ने ट्रेन की बोगी के शीशे तोड़ दिए, जबकि नवादा में धक्का-मुक्की और मारपीट की खबरें आई हैं। भीषण जाम के बीच आज से माघ पूर्णिमा स्नान शुरू हो गया है। पूर्णिमा तिथि 12 फरवरी तक जारी रहेगी। ऐसे में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।




