नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों और संशयों के बीच पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चुनाव टलने की चर्चाओं को केवल “भ्रम” करार देते हुए स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से चल रही है। मंत्री ने कहा कि चुनावों की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी, यानी मतपत्रों (Ballot Papers) की छपाई, का काम पूरा हो चुका है और ये मतपत्र अब विभिन्न जिलों में वितरण के लिए भेजे जा रहे हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया सुचारू और समय पर संपन्न होने की पूरी तैयारी दिखाई देती है।
मतदाता सूची और चुनाव की तैयारी
बातचीत में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि मतदाता सूची का काम अपने अंतिम चरण में है और इसे 28 फरवरी को अंतिम रूप देकर प्रकाशित कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार दोनों चुनाव को समय पर संपन्न कराने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध हैं और फिलहाल चुनाव टलने जैसी कोई संभावना नहीं दिखती है, जिससे सभी संबंधित पक्षों और उम्मीदवारों को भरोसा मिला है कि प्रक्रिया समयबद्ध और सुचारू तरीके से पूरी होगी।
भ्रम के पीछे का कारण
चुनाव टलने की अफवाहों पर सफाई देते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि लोग अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार राग अलाप रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि भ्रम का मुख्य कारण यह है कि वर्तमान में कर्मचारी एसआईआर (Special Inquiry Report) के काम में व्यस्त हैं, और इसके अलावा आगामी जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी लोग कयास लगा रहे हैं कि चुनाव टल सकते हैं। राजभर ने जोर देकर कहा कि सरकार और निर्वाचन आयोग अपना काम पूरी निष्ठा और समयबद्ध तरीके से कर रहे हैं, इसलिए चुनाव समय पर संपन्न होंगे और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
पिछड़ा वर्ग आरक्षण और पिछड़ा आयोग का गठन
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे परपंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जानकारी दी कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में पिछड़ा आयोग के गठन की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही आयोग का गठन होगा, यह पिछड़ों के आरक्षण से जुड़े काम को प्रभावी ढंग से शुरू कर देगा। उन्होंने भाजपा से गठबंधन और पिछड़ों-वंचितों को टिकट आवंटन को लेकर अपनी चिरपरिचित शैली में कहा कि “जिसकी जितनी हिस्सेदारी है, उसको उतना हिस्सा मिलेगा।” इस बयान से स्पष्ट हुआ कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सरकार और गठबंधन दोनों सक्रिय हैं और सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है।
चुनाव तारीखों की घोषणा कब होगी?
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की सटीक तारीख के सवाल पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि यह निर्णय निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार के बीच संयुक्त बैठक के बाद लिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सही समय आने पर तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल सभी का ध्यान चुनाव तैयारियों को अंतिम रूप देने पर है। उनके इस बयान के बाद उन भावी प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली है, जो पिछले काफी समय से गांवों में चुनाव प्रचार और जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।
मंत्री ओपी राजभर के बयान के बाद भविष्य के प्रत्याशियों ने राहत की सांस ली है। पंचायत चुनावों के लिए अब सभी जमीनी तैयारी, मतदाता सूची और मतपत्र वितरण जैसी कार्यवाही पूरे जोश के साथ जारी है। चुनाव टलने की अफवाहों से भ्रम फैलाने वाले लोग अब असमंजस में हैं और गांवों में चुनाव प्रचार करने वाले प्रत्याशियों का उत्साह बढ़ गया है।





