नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। इसी मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता Naresh Tikait और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के अध्यक्ष व केंद्र सरकार में मंत्री Jayant Chaudhary के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई है। सिसौली गांव में आयोजित एक बड़ी पंचायत के दौरान नरेश टिकैत ने जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए उनकी तुलना ‘हलवाई की दुकान पर बैठी ततैया’ से कर दी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।
क्या बोले नरेश टिकैत?
ट्रेड डील के विरोध में किसानों को लामबंद करने की कोशिशों के बीच नरेश टिकैत ने कहा कि जैसे हलवाई की दुकान पर ततैया मिठाई पर बैठता है लेकिन हलवाई को नहीं काटता, उसी तरह जयंत चौधरी भी सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते। उनका इशारा इस ओर था कि सरकार का हिस्सा होने के कारण जयंत खुलकर विरोध नहीं जता पा रहे हैं।
टिकैत ने यह भी कहा कि अगर जयंत डील के समर्थन में बोलेंगे तो किसान नाराज होंगे और अगर विरोध करेंगे तो सरकार। ऐसे में उनके लिए चुप रहना ही बेहतर है। इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया।
जयंत चौधरी का पलटवार
नरेश टिकैत की टिप्पणी पर जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि जो लोग हलवाई और ततैया की कहानी सुना रहे हैं, उन्हें बता दूं कि उन्हें मीठे का कोई शौक नहीं। जयंत का यह जवाब सीधे-सीधे तंज का प्रत्युत्तर माना जा रहा है और इससे दोनों नेताओं के बीच खिंचाव खुलकर सामने आ गया।
राकेश टिकैत की एंट्री
मामला बढ़ता देख बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rakesh Tikait ने सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जनता को जयंत चौधरी से सवाल नहीं पूछने चाहिए, क्योंकि वे कृषि मंत्री या प्रधानमंत्री नहीं हैं। टिकैत ने यह भी जोड़ा कि विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन किसान हितों के मुद्दे पर एकता बनी रहनी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों और सहयोगी दलों के बीच मतभेद आने वाले दिनों में और खुल सकते हैं। फिलहाल ‘हलवाई के ततैया’ वाली टिप्पणी ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह जुबानी जंग आगे किस मोड़ पर पहुंचती है।





