back to top
24.1 C
New Delhi
Sunday, March 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

मथुरा : वसीम रिजवी की याचिका का समर्थन किया मथुरा के धर्मगुरूओं ने

– कुरान शरीफ से 26 आयतों को हटाने पर मुस्लिम समुदाय में विरोध प्रदर्शन जारी मथुरा, 18 मार्च (हि.स.)। कुरान शरीफ से 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले उत्तर प्रदेश सिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ मुस्लिम समाज में काफी आक्रोश है। रिट दाखिल होने के बाद मथुरा के धर्म गुरूओं ने अपने अपने मत देते हुए कहा है कि कुरान की कुछ आयतें मुसलमानों को आतंकी बनाती हैं। इन्हें हटाने के बाद आतंकी शब्द हट जाएगा। उनकी इस रिट के बाद विरोध शुरू हो गया है। कथा वाचक ठा. देवकीनंदन महाराज ने कहा कि मुझे कुरान के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। मैं सनातन धर्म को मानने वाला हूं। मेरा मानना है कि जिस कार्य में देश की संप्रुभता और अखंडता बनी रहे। ऐसा काम सरकार और कोर्ट को करना चाहिए। जिन्होंने यह पीआईएल दाखिल की है वह अपने धर्म के बारे में अधिक जानते होंगे। मैं केवल यही कहूंगा जिससे देश की अखंडता पर प्रश्नचिन्ह लगता हो उसे हटा देना ही उचित है। शाही ईदगाह मस्जिद के अध्यक्ष जैड हसन का कहना है कि जिन वसीम रिजवी साहब ने सुप्रीम कोर्ट में लिखकर दिया है कि 26 आयतों को निकाल दिया जाए, मैं उन्हें मुसलमान ही नहीं मानता। जिस तरह वेद और गीता की किसी भी पंक्ति को नहीं हटाया जा सकता। उसी तरह कुरान में भी कुछ बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है। कुरान के बारे में लाखों लोगों के दिलों में यह किताब उसी तरह सुरक्षित है जैसा पहली बार संकलित किया गया था। आज तक किसी ने ऐसा नहीं कहा कि इसमें कोई सुधार की कोई गुंजाइश है। कुरान में लिखा हुआ अल्ला ताला की बातें हैं। महामंडलेश्वर स्वामी रामदेवानंद महाराज ने कहा कि मैं पीआईएल दाखिल करने वाले रिजवी साहब को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने ऐसी हिम्मत दिखाई। बच्चों को आतंकवाद का पाठ सिखाने वाली सभी आयतों को हटाया जाना चाहिए। मैं उनके कार्य की सराहना करता हूं। अल्पसंख्यक सभा ने किया विरोध, सौंपा ज्ञापन शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू खान ने तो एफआईआर की मांग करते हुए गुरूवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है उनका कहना है कि हमारा देश भारत जो विभिन्न धर्मों का देश है वसीम रिजवी की याचिका से मुस्लिम समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचती है इस तरीके के असमाजिक कार्य शिया सेंट्रल बक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन को शोभा नहीं देते ऐसा मालूम होता है, वसीम रिजवी मुस्लिम कौम में से नहीं फिरौन की कौम से है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश

Advertisementspot_img

Also Read:

मथुरा में दर्दनाक सड़क हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कंटेनर ने बस यात्रियों को कुचला, 6 की हुई मौत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना सुरीर क्षेत्र में...
spot_img

Latest Stories

राम से हनुमान तक कंफर्म हुई Ramayana की पूरी कास्ट, जानिए कौन निभाएगा किसका रोल?

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की...

रूहानी नाम का मतलब- Ruhaani Name Meaning

Meaning of Ruhaani /रूहानी नाम का मतलब: Spiritual/ आध्यात्मिक Origin...

जिम जाने वालों के लिए ये फल है खास, इसमें होता है जादा प्रोटीन

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में सेहतमंद...

Asansol Dakshin Assembly Election 2026: इस सीट पर किसकी जीत? जानिए क्यों अहम है आसनसोल दक्षिण सीट?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट West Bengal...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵