नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाकुंभ 2025 को देखते हुए प्रयागराज में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इसका असर अब शहर में साफ नजर आने लगा है। भारी मालवाहक ट्रक और टैंकर शहर के बाहर ही फंसे हुए हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल, खाद्यान्न, सब्जी, मसाले और दवाइयों की आपूर्ति बाधित हो गई है।
पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत
शहर में पेट्रोल-डीजल की कमी गंभीर होती जा रही है। कई पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म हो गया है, जिससे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके वाहन ठप हो चुके हैं, जिससे आवाजाही में दिक्कतें बढ़ गई हैं। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि टैंकर जाम में फंसे होने के कारण तेल नहीं पहुंच पा रहा है। शहर में खाद्यान्न और सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। भारी वाहनों की एंट्री बंद होने से आटा, चावल, चीनी, दाल जैसी जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ती जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि उनके गोदामों में भले ही सामान हो, लेकिन नई खेप नहीं आ पाने से आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है। सब्जियों और मसालों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है।
दवाई और कच्चे माल की आपूर्ति
दवा दुकानदारों का कहना है कि जीवनरक्षक दवाओं की भी कमी हो सकती है क्योंकि मेडिकल सप्लाई से जुड़े ट्रक भी शहर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, नैनी औद्योगिक क्षेत्र में भी कच्चे माल की कमी हो गई है, जिससे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। उद्यमियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारकर उनके लिए राहत दी जाए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार की अव्यवस्थित प्लानिंग की वजह से न सिर्फ श्रद्धालु बल्कि स्थानीय लोग भी परेशान हो रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का हल निकाले ताकि लोगों को राहत मिल सके। व्यापारियों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो शहर में खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महाकुंभ में उमड़ती भीड़ के बीच रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही वैकल्पिक उपायों के जरिए आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल, लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकालेगा, ताकि श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक किसी बड़ी परेशानी का सामना न करें।





