नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को देखते हुए लखनऊ में यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। शुक्रवार, 19 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के मद्देनजर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है, जो 24 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने बताया कि विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की आवाजाही तथा सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
विधानसभा और जीपीओ मार्ग पर नहीं जा सकेंगे वाहन
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बंदरियाबाग चौराहे से राजभवन, डीएसओ चौराहा, हजरतगंज चौराहा, जीपीओ मोड़ और विधानसभा की ओर जाने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन मार्गों पर जाने वाले वाहन लालबत्ती चौराहा, कैंट रोड, गोल्फ क्लब चौराहा और 1090 चौराहे के रास्ते आगे बढ़ सकेंगे। वहीं, डीएसओ चौराहे से हजरतगंज, जीपीओ पार्क और विधानसभा की ओर जाने वाले रास्ते भी बंद रहेंगे। इसके लिए पार्क रोड और मेफेयर तिराहा को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
रॉयल होटल से हजरतगंज की ओर रास्ता बंद
रॉयल होटल चौराहे से विधानसभा के सामने होकर हजरतगंज चौराहे की ओर जाने वाला ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। इस रूट पर चलने वाले वाहनों को कैसरबाग चौराहा, परिवर्तन चौक, सुभाष चौराहा, चिरैया झील या बर्लिंगटन चौराहा, सदर ओवरब्रिज और कैंट के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
बसों के रूट में भी बदलाव
विधानसभा सत्र के दौरान रोडवेज और सिटी बसों के रूट भी बदले गए हैं। संकल्प वाटिका पुल के नीचे तिराहे से महानगर की ओर से आने वाली बसें सिकंदरबाग, हजरतगंज और विधानसभा मार्ग से नहीं गुजरेंगी। इन बसों को बैकुंठ धाम, 1090 (गांधी सेतु), बंदरिया बाग, लालबत्ती चौराहा और कैंट के रास्ते चलाया जाएगा।
24 दिसंबर तक लागू रहेगी व्यवस्था
विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक चलेगा, हालांकि 20 और 21 दिसंबर को अवकाश रहेगा। इसके बावजूद 22, 23 और 24 दिसंबर को भी इसी तरह का ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समय से निकलें, वैकल्पिक रास्ते अपनाएं और किसी भी परेशानी की स्थिति में नजदीकी ट्रैफिक कर्मियों से मदद लें।





