नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । लखनऊ के नीला ड्रम केस में आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने माना कि उसने गंभीर गलती की है। उसने अपने पिता की हत्या कर उनके शव को नीले ड्रम में छुपा दिया। आशियाना पुलिस आरोपी को पूछताछ और सीन रिक्रिएशन के लिए लोकबंधु अस्पताल में लायी। वहां मीडिया से बातचीत में अक्षत ने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि यह उसके जीवन की सबसे बड़ी भूल थी।
अक्षत ने माना गलती से हुआ
मीडिया से बात करते हुए आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने कहा कि यह घटना “गलती से हुई थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस पर किसी परीक्षा या तनाव का दबाव था, तो उन्होंने सिर हिलाकर हां में जवाब दिया। अक्षत ने साफ किया कि इस वारदात में उनकी बहन का कोई हाथ नहीं है। उनका कहना था कि बहन इस मामले में पूरी तरह से बेदाग है।
पिता की हत्या के बाद किए शव के टुकड़े
अक्षत प्रताप सिंह पर आरोप है कि उसने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर डाले। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या गोली मारकर की गई। पिता की उम्र 50 साल थी, जबकि आरोपी अक्षत केवल 19 साल का है। पुलिस पूछताछ में आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने स्वीकार किया कि 20 फरवरी की सुबह लगभग साढ़े चार बजे उनके और पिता मानवेंद्र सिंह के बीच विवाद हुआ। इसी झगड़े में गुस्से में आकर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी।
पिता के शव के किए टुकड़े, धड़ ड्रम में छिपाया
पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने सबूत छिपाने के लिए अपने पिता के शव को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में रखा। आरोप है कि शव के अंगों को काटकर फेंक दिया गया और बचा हुआ धड़ नीले ड्रम में छिपा दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पिता और पुत्र के बीच पढ़ाई को लेकर विवाद अक्सर होता था। अक्षत ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था और इससे पहले भी घर छोड़कर जा चुका था।





