Israel Hamas War: इजरायल की इमारतों को नए ढंग से संवारेंगे भारतीय कारीगर, अपने हूनर का दिखाएंगे जलवा

Lucknow News: पिछले 3 माह से हमास से जंग के कारण इजरायल की हजारों इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। इन इमारतों में रहने वाले लोग घर से बेघर हो गए हैं। सड़कों पर इमारतों के मलबे का ढेर लगा है।
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बांदा, हि.स.। पिछले 3 माह से हमास से जंग के कारण इजरायल की हजारों इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। इन इमारतों में रहने वाले लोग घर से बेघर हो गए हैं। सड़कों पर इमारतों के मलबे का ढेर लगा है। इन इमारतों को फिर से खड़ा करने के लिए श्रमिकों का अभाव है। ऐसे में इजरायल ने भारत से मजदूरों की मांग की है। भारत से 1 लाख कुशल कारीगरों को इजरायल भेजा जाना है। इसके लिए यूपी के चित्रकूट मंडल के चार जनपद बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट से 4000 कुशल कारीगर भेजे जाएंगे।

बमबारी में हजारों की तादाद में इमारतें ध्वस्त हुईं

हमास और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के चलते भारी तबाही हुई है। बमबारी में हजारों की तादाद में इमारतें ध्वस्त हो गई हैं। हजारों लोगों के सिर से छतें छीन गई हैं। जिससे अब उनके रहने का ठिकाना नहीं है। इमारतें ध्वस्त होने के बाद जगह-जगह मलबे की ढेर लगे हैं। जिन लोगों की इमारतें नष्ट हुई हैं, उन्हें शिविर में शरण दिया गया है।

ऐसी स्थिति में ध्वस्त हुई इमारतों को फिर से बनाने के लिए वहां मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं। इस वजह इजरायल ने भारत से श्रमिकों की मांग की है। इजरायल की मांग पर भारत से कुशल राज मिस्त्री, टाइल्स, शटरिंग कारीगर और पत्थर लगाने के कारीगर व मजदूर भेजे जाने का निर्णय हुआ है। जिसके तहत इसकी जिम्मेदारी श्रम विभाग को सौंपी गई है।

आवेदन प्रक्रिया जारी

इस बारे में सहायक श्रमायुक्त डॉ एस.के.अग्रहरि ने बताया कि प्रत्येक जनपद से लगभग 1000 कारीगर भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत चित्रकूट मंडल के बांदा के अलावा चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर से 4000 श्रमिकों को भेजा जाना है, इसके लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं।

इन मानदंडों को करना होगा पूरा

श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र शुक्ला ने बताया कि कुशल श्रमिकों को इजरायल में प्रतिमाह 1.25 लाख रुपये वेतन मिलेगा और 15000 रुपये प्रतिमाह बोनस मिलेगा। जो कंपनी के खाते में जमा रहेगा, जिनके माध्यम से उन्हें इजरायल भेजा जाएगा। कार्य की समाप्ति के बाद धनराशि कारीगरों को सौंप दी जाएगी। वहां जाने वाले कुशल कारीगर को कम से कम एक वर्ष व अधिकतम 5 वर्ष सेवा देने का अनुबंध देना होगा। श्रमिकों की आयु 21 से 25 वर्ष की मध्य निर्धारित की गई है। साथ ही श्रमिकों के पास कम से कम 3 वर्ष कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।

मजदूरों की सुरक्षा का भी पूरा रखा जाएगा ध्यान

उन्होंने बताया कि श्रम विभाग ने श्रमिकों से सहमति पत्र व आवेदन मांगा है। इसके बाद उनके अनुभव को परखा जाएगा। साथ ही चयन किए गए श्रमिकों का पासपोर्ट बनवाने के लिए भी श्रम विभाग मदद करेगा। इसके लिए मजदूरों से संपर्क किया जा रहा है। सहायक श्रमायुक्त के मुताबिक इजरायल जाने वाले मजदूरों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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