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Women Reservation Bill: मायावती ने महिला आरक्षण बिल का किया स्वागत, कहा- इस कानून का और इंतजार ठीक नहीं

Women Reservation Bill: बसपा की प्रमुख मायावती ने महिला आरक्षण बिल के दोनों सदनों में पास होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कानून का और इंतजार ठीक नहीं है, इसे तुरंत लागू होना चाहिए।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। संसद के दोनो सदनोंं से महिला आरक्षण विधेयक के सफलता पूर्वक पास हो जाने के बाद पूरी देश की महिलाओं में खुशी की लहर है। आज जहां एक तरफ भाजपा मुख्यालय में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने इस बिल के पास होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। तो वहीं दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने महिला आरक्षण बिल के दोनों सदनों में पास होने का स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस कानून का और इंतजार ठीक नहीं है, इसे तुरंत लागू होना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने किया बिल का स्वागत

बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, 'महिला आरक्षण बिल संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाने का स्वागत, किन्तु देश इसका भरपूर व जोरदार स्वागत करता अगर उनकी अपेक्षाओं के मुताबिक यह अविलम्ब लागू हो जाता। अब तक लगभग 27 वर्षों की लम्बी प्रतीक्षा के बाद अनिश्चितता का अब आगे और लम्बा इंतजार करना कितना न्यायसंगत? वैसे देश की आबादी के बहुसंख्यक ओबीसी समाज की महिलाओं को आरक्षण में शामिल नहीं करना बहुजन समाज के उस बड़े वर्ग को न्याय से वंचित रखना है। इसी प्रकार एससी व एसटी समाज की महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं देना भी उतना ही अनुचित व सामाजिक न्याय की मान्यता को नकारना है।

SC/ST वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण मिले

किन्तु जहां चाह है वहां राह है, इसीलिए सरकार ओबीसी समाज को इस महिला आरक्षण बिल में शामिल करे। एससी व एसटी वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण मिले। इस विधेयक को तत्काल प्रभाव से लागू करने के सभी जरूरी उपाय किये जाएं। धार्मिक अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं की भी उपेक्षा अनुचित है।

संसद के दोनो सदनों से पारित हुआ विधेयक

आपको बता दें गुरुवार आधी रात को देश की आधी आबादी को संसद में 33 फीसदी का आरक्षण देने वाला विधेयक पारित किया था। सबसे पहले इस बिल को लोकसभा पारित किया गया था। लोकसभा में मौजूद 456 सांसदों में से दो सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया था। बाकी 454 सदस्यों ने इस बिल का सर्मथन किया था। राज्यसभा में भी महिला आरक्षण बिल के पक्ष में सभी मौजूद 214 सदस्यों ने मतदान किया जबकि इसके विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा। 128वें संविधान संशोधन विधेयक, जिसे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों पर लागू होगा।

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